चुनावी राज्यों में 22 जनवरी तक रैलियों पर प्रतिबंध

चुनाव आयोग ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में राजनीतिक दलों को कुछ छूट भी दी। इन राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च तक सात चरणों में होंगे।आयोग ने राजनीतिक दलों को अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता के 50% के साथ इनडोर बैठकें करने की अनुमति दे दी। इसके अलावा चुनान आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) के प्रावधानों और COVID के व्यापक दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।

 
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पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने इन राज्यों में रैलियों पर लगे प्रतिबंध को 22 जनवरी तक बढ़ा दिया है। इस दौरान राजनीतिक पार्टियों को केवल वर्चुअल रैली करने की इजाजत दी गई है। बता दें कि कोरोना महामारी को देखते हुआ चुनाव आयोग ने यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर राज्यों में सार्वजनिक रैली, रोड शो और बाइक रैली समेत अन्य चीजों पर प्रतिबंध लगाया था। 

चुनाव आयोग ने गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में राजनीतिक दलों को कुछ छूट भी दी। इन राज्यों में विधानसभा चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च तक सात चरणों में होंगे।आयोग ने राजनीतिक दलों को अधिकतम 300 व्यक्तियों या हॉल की क्षमता के 50% के साथ इनडोर बैठकें करने की अनुमति दे दी। इसके अलावा चुनान आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) के प्रावधानों और COVID के व्यापक दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।

ECI ने राज्य/जिला प्रशासन को MCC और COVID से संबंधित सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इससे पहले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनाव की तारीखों का ऐलान करते वक्त आयोग ने महामारी को देखते हुए 15 जनवरी तक रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगा दी थी।

आयोग ने इन राज्यों में कैंपेन को लेकर गाइडलाइंस जारी की थी। इसमें नुक्कड़ सभाओं पर भी बैन लगाया गया था। डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए लोगों की संख्या 5 निश्चित की गई थी। इतना नहीं वोटों की गिनती के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।