अब ज्यादातर मौजूदा विधायकों का टिकट नहीं काटेगी BJP!

भाजपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, मुकेश वर्मा और बृजेश कुमार प्रजापति शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक यूपी बीजेपी के एक सीनियर नेता बताया कि ऐसी उम्मीद थी कि इस बार करीब 30% मौजूदा विधायकों के टिकट नहीं मिलेगा।

 
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा अपने मौजूदा विधायकों की संख्या को सीमित करने पर विचार कर रही है। ऐसी चर्चा है कि पार्टी आलाकमान कई मौजूदा विधायकों को टिकट देने से इनकार कर सकता है। माना जा रहा है कि इस चर्चा की वजह से ही योगी कैबिनेट के तीन मंत्रियों सहित कुछ विधायकों ने पार्टी से इस्तीफे दिया। 

भाजपा छोड़ने के बाद स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्म सिंह सैनी, भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, मुकेश वर्मा और बृजेश कुमार प्रजापति शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक यूपी बीजेपी के एक सीनियर नेता बताया कि ऐसी उम्मीद थी कि इस बार करीब 30% मौजूदा विधायकों के टिकट नहीं मिलेगा।

लेकिन पार्टी अब अपना मन बदल लिया है। पार्टी आलाकमान अब केवल 10-15% मौजूदा विधायकों को ही टिकट देने से इनकार कर सकता है। दरअसल, चुनाव से ठीक पहले लगातार कई विधायकों के पार्टी छोड़ने से जनता में योगी सरकार को लेकर नकारात्मक संदेश जाने की आशंका है।


सूत्रों का कहना है कि भाजपा उन मौजूदा विधायकों के टिकट के काट रही है, जिनके खिलाफ स्थानीय लोगों की नाराजगी है। स्थानीय स्तर पर लोगों का गुस्सा सरकार के प्रति कम अपने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ज्यादा है। लोग चाहते हैं कि भाजपा ऐसे विधायकों को दोबारा टिकट न दे जिनका प्रदर्शन और रिपोर्ट कार्ड खराब है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा आलाकमान ने भी इस बात को गंभीरता से लिया है।