बसपा की सूची में यूथ और सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस

उन्हें वर्ष 2017 में भी टिकट दिया गया था। इसी तरह मांट के मौजूदा विधायक श्याम सुंदर शर्मा को टिकट दिया गया है। इसके अलावा अन्य सभी सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए गए हैं। खास बात यह भी रही है कि वर्ष 2017 के चुनाव में बेहतरनी प्रदर्शन करते हुए नंबर दो की हैसियत पर रहने वालों का भी टिकट काट दिया गया है।

 
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने बसपा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इसमें कुल 53 नाम हैं। उम्मीदवारों के चयन का आधार सोशल इंजीनियरिंग व यूथ को बनाया गया है। बसपा की सूची की खास बात यह है कि दो सीटें पुरकाजी और मांट को छोड़कर मायावती ने सभी सीटों पर नए उम्मीदवार दिए हैं।

बसपा ने 15 सवर्ण, 15 अन्य पिछड़ा वर्ग, 14 मुस्लमान और नौ अनुसूचित जाति के लोगों को टिकट दिया है। बसपा सुप्रीमो ने इस बार टिकट वितरण का फार्मूला बदला है। उन्होंने मेहनती व निष्ठावानों पर भरोसा जताते हुए दांव लगाया है। पुरकाजी विधानसभा सीट से सुरेंद्र पाल सिंह को रिपीट किया है।

उन्हें वर्ष 2017 में भी टिकट दिया गया था। इसी तरह मांट के मौजूदा विधायक श्याम सुंदर शर्मा को टिकट दिया गया है। इसके अलावा अन्य सभी सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए गए हैं। खास बात यह भी रही है कि वर्ष 2017 के चुनाव में बेहतरनी प्रदर्शन करते हुए नंबर दो की हैसियत पर रहने वालों का भी टिकट काट दिया गया है।

मायावती ने टिकट वितरण में मुस्लिमों के साथ ब्राह्मणों पर भी जोर दिया है। पहली सूची में टिकट पाने वालों में नौ ब्राह्मण हैं। बसपा का मानना है कि ब्राह्मणों की भाजपा से नाराजगी का फायदा उसे मिल सकता है। मायावती ने इस बार टिकट वितरण के लिए ब्राह्मण, मुस्लिम, एससी और ओबीसी को चयन में पहली प्राथमिकता पर रखा है। यूपी की राजनीति में एससी, ओबीसी और मुस्लिम फैक्टर अधिक मायने रखता है। बसपा की पहली सूची से यह साफ हो गया है कि अन्य में भी इसी पर जोर होगा।a