25 तक सभी को लग जाए कोरोनारोधी वैक्सीन की पहली डोज : सीएम योगी

दोनों डोज लेने वालों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित (कोमार्बिड) बूस्टर डोज ले लें। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कोरोनारोधी वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों को भी बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाई जा रही है।

 
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पहली और दूसरी लहर की तुलना में तीसरी उतनी खतरनाक नहीं है। नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर विशेषज्ञों के अनुसार अब तक तक जो नतीजे सामने आए हैं, उसमें यह सामान्य वायरल फीवर जैसा है। प्रदेश में इसकी पॉजिटिविटी रेट छह प्रतिशत है पर इसमें 99 प्रतिशत मामले होम आइसोलेशन के हैं। यह कहना है सीएम योगी आदित्यनाथ का। वह शनिवार को बीआरडी मेडिकल कालेज में कोविड वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे थे।

इस दौरान उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के विशेषज्ञों ने माना है कि कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय वैक्सीन है। इसलिए सभी लोग टीका जरूर लगवाएं। सीएम ने टीकाकरण तेज करने पर जोर दिया। कहा कि जिन्होंने भी अभी तक वैक्सीन नहीं लगवाई है, वह 25 जनवरी तक हर हाल में वैक्सीन लगवा लें। जिन्होंने पहली डोज ले ली हो, वह दूसरी डोज ले लें।

दोनों डोज लेने वालों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित (कोमार्बिड) बूस्टर डोज ले लें। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य सौंपा गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में कोरोनारोधी वैक्सीन की 22.5 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। 15 से 17 वर्ष तक के किशोरों को भी बड़े पैमाने पर वैक्सीन लगाई जा रही है।

अब तक 47.25 लाख किशोरों को वैक्सीन लगाई गई है। गोरखपुर में कुल 35.50 लाख लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है जिनमें से 29.59 लाख का टीकाकरण हो चुका है। यहां 33 प्रतिशत (1,01,500) युवाओं का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। सीएम ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव को टीकाकरण की नियमित समीक्षा का भी निर्देश दिया है। 

 सीएम ने कहा कि सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण पाते हुए सरकार ने जीवन के साथ लोगों की जीविका को भी बचाया है। तीसरी लहर में सामने आया कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन बहुत घातक नहीं है। इससे बचाव और इस पर काबू के लिए सावधानी बहुत आवश्यक है। दू

सरी लहर में मरीजों को नेगेटिव होने में 15 दिन से एक माह तक का समय लग जा रहा था। फेफड़े से जुड़ी समस्या और पोस्ट कोविड के मामले भी आ रहे थे। जिले में 0.5 प्रतिशत मामलों में भर्ती करने की जरूरत पड़ी। बीआरडी में ऑक्सीजन युक्त 500 बेड का डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल है जिसमें से 300 बेड वेंटिलेटर और एचएफएनसी की सुविधा वाले हैं।