पिछले साल भी रमजान की इबादत तो घरों पर ही हुई थी इस साल भी सूरत वैसे ही हैं कहां रोजे रखने वाले मुसलमान भाई ने
 

 
पिछले साल भी रमजान की इबादत तो घरों पर ही हुई थी इस साल भी सूरत वैसे ही हैं कहां रोजे रखने वाले मुसलमान भाई ने

बोकारो से शेखर की रिपोर्ट

इस साल भी रमजान मुबारक हो कोरोना संकट के बीच आया है ऐसे में जरूरी है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोरोनावायरस का पालन करें रमजान में पूरी आस्था से रोजा रखे और इबादत करें लेकिन सुरक्षित रहने के लिए यह इन बातों का ख्याल रखना जरूरी है इस्लाम ने रमजान की बड़ी नियत है और इस्लाम के पांच अफसरों में से एक है रुला हर बालिक मुसलमान पर फर्ज है रमजान के रोजे बड़ी अजमत वाले हैं रमजान के रोजे रखने के साथ नमाज और तरावी बगैर इबादत भी जरूरी है पर बदनसीबी है कि एक बीते साल की तरह इस साल भी रमजान कोरोनावायरस संकट के बीच आया है इसलिए जरूरी है कि रमजान की इबादत के साथ सुरक्षा का ख्याल बेहद जरूरी है

ऐसे में एक गाइडलाइन का पालन करते हुए खुद का भी ख्याल रखें और अपनों का भी उलेमा बताते हैं कि पैग़ंबरे इस्लाम ने भी फरमाया है कि जहां बीमारी का महामारी फैली हो यहां दूसरे लोग ना जाएं और वहां के लोगों भी दूसरी जगह ना जाएं वर्तमान समय में कोरोना के दौरान भी हालात बिल्कुल वैसे ही है ऐसे में जरूरी है कि रमजान की दौरान मस्जिदों में भी इकट्ठा करने की बजाय घरों में इबादत करें बिना जरूरत के घर से ना निकले और बाजारों में ना भीड़ लगाएं और ना ही भीड़ का हिस्सा बने कोरोना से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है रमजान में सामूहिक हड़ताल बड़े पैमाने पर होता है पर कोरोना का हाल में इसे संक्रमण फैलने का खतरा बेहद भर जाता है ऐसे में इस तरह के आयोजन से परहेज करना ही सही है परिवार के सदस्य के साथ रोजा इफ्तार करें और वही जाने से बचे बता दो के साथ लोगों की जान बचाना भी जरूरी है पिछले साल भी रमजान की इबादत तो घरों पर ही हुई थी इस साल भी सूरत वैसे ही हैं