चट्टान से गिरकर सेना के मेजर की मौत

अधिकारी ने बताया, "एक खड़ी चट्टान से होते हुए मार्ग पर छानबीन करते समय, खराब मौसम के कारण वे फिसल गए और 60 मीटर गहरे खड्डे में गिर गये। नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। मेजर अहलावत 2012 में सेना में शामिल हुए थे।
 
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जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा के पास घुसपैठ रोधी अभियान के दौरान खड़ी चट्टान से फिसलकर गिरने से सेना के मेजर की मौत हो गई। दिल्ली के रहने वाले मेजर रघुनाथ अहलावत (34) गुरुवार को उरी क्षेत्र में एक विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर घुसपैठ रोधी अभियान के लिए अपने दल का नेतृत्व कर रहे थे।
 
अधिकारी ने बताया, "एक खड़ी चट्टान से होते हुए मार्ग पर छानबीन करते समय, खराब मौसम के कारण वे फिसल गए और 60 मीटर गहरे खड्डे में गिर गये। नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। मेजर अहलावत 2012 में सेना में शामिल हुए थे। वह नई दिल्ली के द्वारका इलाके के रहने वाले थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और माता-पिता हैं।"

सेना ने शुक्रवार को दिवंगत मेजर को श्रद्धांजलि दी। रक्षा प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मुसावी ने कहा, "दिवंगत मेजर रघुनाथ अहलावत के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थान ले जाया गया। दुख की इस घड़ी में सेना शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है और उनकी गरिमा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।"