भूख न लगने की प्रॉब्लम को दूर करने के लिए जबरदस्त घरेलू उपाय

हमारे द्वारा ग्रहण किया गया भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ हमें स्वस्थ और फिट भी रखता है, ताकि हमारा शरीर और मस्तिष्क सही तालमेल में कार्य कर सके। ऐसे में यदि किसी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। किडनी की समस्याओं, किसी प्रकार के बैक्टीरियल इंफेक्शन, चिंता, तनाव या डिमेंशिया जैसी बीमारियों में भी

 
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कभी-कभार भूख न लगना आम बात है। पर, अगर लंबे समय से आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आप डॉक्टर से संपर्क करें। क्या करें कि फिर से आपको भूख लगने लगे- भूख न लगना या खाने में अरुचि, एक ऐसी आम समस्या है, जो हम सभी ने कभी-न-कभी महसूस की होगी। पर, यदि लंबे समय तक खाने में अरुचि बनी रहती है, तो फिर इसे हल्के में न लें।

हमारे द्वारा ग्रहण किया गया भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ हमें स्वस्थ और फिट भी रखता है, ताकि हमारा शरीर और मस्तिष्क सही तालमेल में कार्य कर सके। ऐसे में यदि किसी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। किडनी की समस्याओं, किसी प्रकार के बैक्टीरियल इंफेक्शन, चिंता, तनाव या डिमेंशिया जैसी बीमारियों में भी

एनीमिया
जब हमारे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से नीचे चला जाता है, तो एनीमिया की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में लगातार वजन गिरने के साथ-साथ थकान और भूख न लगने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

मधुमेह
मधुमेह होने की स्थिति में भोजन बेहद धीमी गति से पाचन तंत्र तक पहुंचता है, जिसके चलते पेट हमेशा भरा-भरा सा लगता है।

बढ़ती उम्र
उम्र बढ़ने के साथ-साथ ही हमारी स्वाद ग्रंथियां और भोजन पचानेे की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इससे भूख प्रभावित होती है।

कैंसर
यूं तो कैंसर जैसे गंभीर रोग में भूख प्रभावित होती ही है, पर पेट या पेन्क्रियाज के कैंसर और फेफड़ा व गर्भाशय के कैंसर में भोजन से विशेष रूप से अरुचि हो जाती है। इसका एक मुख्य कारण इन बीमारियों में दी जाने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट हैं।

भूख खत्म हो जाती है। इसके अलावा भी बहुत से ऐसे कारण हैं, जो किसी व्यक्ति की भूख को प्रभावित कर सकते हैं।

पेट में संक्रमण
किसी प्रकार के वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन से जब हमारा शरीर प्रभावित होता है, तो उसका असर भूख पर भी पड़ता है। डायरिया, खांसी-जुकाम, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, अपच या पेट में गड़बड़ी जैसी समस्याओं में खाना-पीना मुश्किल हो जाता है।

चिंता और तनाव
अत्यधिक चिंता और तनाव की स्थिति में कुछ लोग सामान्य से अधिक खाने लगते हैं, क्योंकि भोजन उनके दिमाग को शांत रखता है। पर, वहीं कुछ लोगों का तनाव के कारण खाना-पीना पूरी तरह से छूट जाता है।

डाइट में करें बदलाव
आमतौर पर भूख न लगना कोई बहुत गंभीर समस्या नहीं मानी जाती है और इसे अपने आहार में कुछ साधारण फेरबदल करके दूर किया जा सकता है। हर घर की रसोई में कुछ ऐसे मसाले हमेशा रहते ही हैं, जो भोजन में रुचि पैदा करने के साथ-साथ भूख बढ़ाने में भी सहायक होते हैं। इन्हें भी आप आजमा सकती हैं,

आजमाएं इन्हें भी
●पेट में भारीपन होने पर कुछ दिनों तक रात के भोजन में खिचड़ी में थोड़ा घी मिलाकर खाएं। इससे न केवल पाचन तंत्र को आराम मिलेेगा, बल्कि भूख भी खुल जाएगी।

●भोजन के साथ चाय या कॉफी का सेवन करने से परहेज करें, क्योंकि ये पेय पदार्थ भूख कम कर देते हैं।

●रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन भी भूख बढ़ाने में सहायक होता है। अत्याधिक मिर्च-मसाले वाले भोजन से परहेज करें और रात के समय गरिष्ठ भोजन न करें।

●दही और छाछ का सेवन भी भूख खोलता है।

●रोज सुबह नारियल तेल से कुल्ला (कोकोनट ऑइल पुलिंग) करने पर भी भूख खुलती है।

●भोजन के बाद एक चम्मच देसी घी और शक्कर का सेवन भूख बढ़ाने में मदद करता है।

●आहार में लहसुन का सेवन भी भूख को बढ़ाने वाला माना गया है। किसी सब्जी में लहसुन डालने से 10 मिनट पहले यदि उसे छीलकर और काटकर छोड़ दिया जाए तो उसमें कुछ ऐसे एंजाइम्स स्रावित होने लगते हैं, जो शरीर को काफी लाभ पहुंचाते हैं।

●नियमित रूप से किया गया व्यायाम न केवल शरीर में स्फूर्ति बढ़ाता है, भूख भी खोलता है।

●डिब्बाबंद और बाजार के खाद्य पदार्थों के सेवन के बजाय ताजे फलों और मौसमी सब्जियों का उपयोग करें। पर्याप्त नींद लें, ताकि सुबह आप तरोताजा उठें, जिससे भूख खुलकर लगे।