बी ग्रेड फिल्मों में आइटम नंबर करती थीं मान्यता

 
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नई दिल्ली:  मान्यता दत्त गुरुवार को अपना 42 वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं। उनकी यौम- ए- पैदाइश मुंबई की है। उन्होंने अपने जीवन का कुछ समय दुबई में भी गुजारा है पर एक समय वे बॉलीवुड की चकाचौंध की प्रति खूब आकर्षित हुईं। उनका वास्तविक नाम दिलनवाज शेख है। बॉलीवुड में उन्होंने खूब संघर्ष किया है। उन्होंने कई जगह काम ढूंढ़ा और फिल्मों में आइटम नंबर तक किए हैं। संजय दत्त से विवाह करने के बाद भी उनके परिवार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया था लेकिन धीरे-धीरे मान्यता ने सभी के दिलों में जगह बना ली। उन्होंने बुरे से बुरे समय में भी संजय दत्त का साथ नहीं छोड़ा। जब 2013 में संजय दत्त को जेल हुई, तब दो बच्चों की मां मान्यता ने दुनिया को दिखा दिया कि वे कितनी मजबूत हैं। उन्होंने साढ़े तीन वर्ष तक बच्चों को अकेले बड़ा किया।

मान्यता दत्त को बॉलीवुड के शुरुआती दौर में ‘सारा खान’ नाम से जाना जाता था। वे मुंबई के यारी रोड पर एक फ्लेट में रहा करती थीं। वे ‘लवर्स लाइक अस’ नामक एक सी ग्रेड फिल्म में काम कर चुकी हैं और प्रकाश झा की गंगाजल में भी वे एक आइटम नंबर करती हुई नजर आ चुकी हैं।

मान्यता को संजय दत्त से नितिन मनमोहन ने मिलवाया था जिसके बाद दोनों करीब आ गए और ये तक सुनने में आता है कि मान्यता अपने घर से खाना बनाकर संजय दत्त के लिए सेट पर पहुंचाया करती थीं। इन दिनों संजय दत्त नादिया दुर्रानी को डेट कर रहे थे लेकिन धीरे-धीरे मान्यता ने उनके दिल में जगह बना ली।

मान्यता हर समय संजय दत्त के साथ रही हैं, चाहे फिर उन्हें जेल जाना हो या कोर्ट। दिन-ब-दिन संजू बाबा के साथ उनका रिश्ता मजबूत होता गया है। उनके रिश्तों को दुनिया ने तब गंभीर रूप से लेना शुरू कर दिया था जब संजय दत्त मान्यता को स्क्रीन अवॉर्ड्स के दौरान साथ लेकर आ गए थे।

हिंदु रीति- रिवाज से दोनों ने फरवरी 2008 में विवाह कर लिया। इस विवाह में संजय दत्त के परिवार वाले शामिल नहीं हुए थे। यह संजय दत्त की तीसरी और मान्यता की दूसरी शादी है। इससे पहले संजय दत्त रिचा शर्मा और रिया पिल्लई के साथ विवाह रचा चुके हैं। 2010 में मान्यता ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। वे न सिर्फ संजय दत्त के घर को संभालती हैं बल्कि उनके प्रोडक्शन हाउस की वे सीईओ भी हैं।

मान्यता के विवाह के बाद ऐसा भी समय आया जब एक व्यक्ति ने यह दावा किया कि वे उनके असली पति हैं। व्यक्ति के अनुसार 2005 में मुस्लिम लॉ के अनुसार विवाह किया था और उनका ढाई साल का बच्चा भी है और मान्यता ने उन्हें अब तक तलाक नहीं दिया है लेकिन न्यायालय ने मान्यता के हित में फैसला सुनाया।