क्या शीतकालीन सत्र के लिए आज रणनीति बनाएगी कांग्रेस

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्र को पत्र लिखकर COVID-19 पीड़ितों को मुआवजे की मांग करेंगे।
 
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29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर गुरुवार को संसदीय रणनीति समूह की बैठक होगी। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, "हम संसद के आगामी सत्र में महंगाई का मुद्दा उठाएंगे। आगामी संसद सत्र की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की 25 नवंबर को नई दिल्ली में बैठक होगी।"

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से मुकाबला करने के लिए, कांग्रेस सार्वजनिक मंचों और संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में 'कोविड कुप्रबंधन' के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की योजना बना रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्र को पत्र लिखकर COVID-19 पीड़ितों को मुआवजे की मांग करेंगे।

उन्होंने कहा, इसके साथ ही हर राज्य के कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी उस राज्य के अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है।

पार्टी नेता और वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करके "COVID न्याय अभियान" शुरू किया और भारत सरकार से देश में COVID से संबंधित मौतों के सही आंकड़े प्रदान करने और संक्रमण के कारण जान गंवाने वालों के परिवारों को  4 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "कांग्रेस पार्टी की दो मांगें हैं- कोरोना से मरने वालों के सही आंकड़े दिए जाने चाहिए और उन परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।" कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ट्वीट किया, "अगर आप सत्ता में हैं, तो आपको लोगों की पीड़ा को जानना होगा। लोगों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।"

वायनाड के सांसद ने ट्विटर पर एक वीडियो साझा करके विकास के "गुजरात मॉडल" पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया गया था कि गुजरात में कांग्रेस ने जिन परिवारों से बात की, उन्हें COVID के दौरान अस्पताल के बिस्तर, ऑक्सीजन और वेंटिलेटर नहीं मिल पाए। वीडियो में, उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में 3 लाख से अधिक लोगों ने COVID-19 के कारण दम तोड़ दिया है, जबकि आधिकारिक आंकड़ों में केवल 10,000 COVID से संबंधित मौतें बताई गई हैं।