नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में 12 साल की कैद, 30 हजार रुपये अर्थदंड भी

देहरादून। विशेष न्यायाधीष पोस्को एक्ट की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के एक मामले में युवक को दोषी करार देते हुए 12 साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी को 30 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। ऐसा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

विशेष लोक अभियोजन बीएस नेगी ने बताया कि आठ अक्टूबर 2018 को रायवाला थाना में एक महिला ने नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन दिन बाद 11 अक्टूबर को रोहित निवासी मंडावली बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। इसके अगले दिन 12 अक्टूबर को पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पोस्को एक्ट और दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी। सोमवार को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर रोहित को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।

नाबालिग से छेड़छाड़ पर युवक पर मुकदमा

नाबालिग से छेड़छाड़ व अपहरण के आरोप में रायपुर थाना पुलिस ने एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी कि आरोपित शहजाद ने उनकी 13 साल की भांजी के साथ छेड़छाड़ की और उसे बहला-फुसलाकर कहीं ले गया है।

युवक ने फांसी लगाई

बंजारावाला में एक युवक ने फांसी लगा ली। युवक के आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं लग पाया है।

पटेलनगर कोतवाली के प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे सूचना मिली कि टी एस्टेट बंजारावाला में एक युवक ने अपने घर में आत्महत्या कर ली है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान गौरव मटुरा निवासी ढूंढा, उत्तरकाशी के रूप में हुई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि गौरव मटुरा बंजारावाला में किराये पर रहता था और एक दवा कंपनी में काम करता था।

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