सिपाही समेत तीन जख्‍मी, हिरासत में लिए गए दो बदमाशों को तीन दिन बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश पुलिस इन दिनों लगातार एनकाउंटर को लेकर खासी चर्चा में है। एक तरफ वह बरमाशों को मुठभेड़ में मारकर अपनी पीठ थपथपा रही है तो वहीं उसके इस कारनामे पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सोमवार को अंबेडकरनगर पुलिस का भी एक ऐसा ही कारनामा प्रकाश में आया है। ह‍िरासत में लिए गए दो आरोपितों को तीन दिन बाद यानी सोमवार देर रात अंबेडकरनगर पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया। पुलिस का कहना है कि संदिग्‍ध बदमाशों को रोकने का प्रयास किया तो उनपर फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाई जिसमें दो बदमाश जख्‍मी हुए। एक सिपाही को भी गोली लगी है। सभी को पीएचसी रामनगर में भर्ती कराया गया है।

चेकिंग के दौरान मुठभेड़ का दावा: प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह के मुताबिक, सोमवार की देर शाम आलापुर पुलिस थानाक्षेत्र के चहोडा शाहपुर में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक से आ रहे दो संदिग्धों को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो वह फायरिंग करते हुए भागने लगे। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर गिर गए और पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। इधर, बदमाशों की गोली से आलापुर थाना सिपाही अमित मौर्य के जख्मी होने का भी दावा किया गया। दोनों बदमाशों की पहचान जलालपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी राहुल तथा रमेश के रूप में हुई।

छिनैती के दौरान ग्रामीणों ने पकड़कर सौंपा था पुलिस को, लिया था ह‍िरासत में:  बता दें, यह वही दोनों आरोपित हैं, जिनको गत 19 फरवरी को रामनगर पोस्ट ऑफिस से रोहित नामक व्यक्ति से 50 हजार रुपये की छिनैती के मामले में स्थानीय लोगों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था। उस वक्‍त प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया था कि पकड़े गए दोनों आरोपित हिरासत में हैं। फरार बदमाश की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस ने उस समय रोहित की तहरीर पर नामजद के बजाय अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। इस बीच अचानक घटनाक्रम में नया मोड़ तब आ गया, जब वही दोनों आरोपित मुठभेड़ की कहानी के किरदार बन गए। हालांकि, मुठभेड़ पर उठने लगे सवाल तो पुलिस कर्मी बोले हिरासत के बाद दोनों को छोड़ दिया गया था।

कपड़े उठा रहे सवाल: मुठभेड़ में गिरफ्तारी के दावे पर दोनों बदमाशों के कपड़े भी सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल, तीन दिन पहले 19 फरवरी को ग्रामीणों ने पकड़कर जब पुलिस के हवाले किया था, उस वक्‍त दोनों आरोपित जो कपड़े पहने मिले। तीन दिन बाद पुलिस के मुठभेड़ में गिरफ्तारी के दौरान भी वहीं कपड़ों में म‍िले हैं।

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