जानिए BCCI बॉस सौरव गांगुली किस टूर्नामेंट का आयोजन पहले कराना चाहते हैं

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) के अध्यक्ष सौरव गांगुली शीर्ष परिषद की बैठक में रणजी ट्रॉफी के आयोजन को लेकर अड़ गए। उनका मानना है कि रणजी ट्रॉफी देश का सबसे महत्वपूर्ण टूर्नामेंट है, जबकि अन्य सदस्यों का मानना है कि रणजी ट्रॉफी की जगह 50 ओवर वाली विजय हजारे ट्रॉफी को आयोजित कराया जाए। हालांकि अभी बैठक में कोई फैसला नहीं हो पाया है। शीर्ष परिषद ने यह फैसला बीसीसीआइ के पदाधिकारियों पर छोड़ दिया है। इस बार घरेलू सत्र में रणजी ट्रॉफी होगी या विजय हजारे, इस पर दो-तीन दिन में फैसला हो जाएगा।

शीर्ष परिषद की बैठक में घरेलू सत्र को आगे बढ़ाने को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। बीसीसीआइ सैयद मुश्ताक अली टी-20 ट्रॉफी बायो-बबल में आयोजित कराने के बाद अन्य घरेलू टूर्नामेंटों को भी आयोजित कराना चाहता है, लेकिन बैठक में कौन से टूर्नामेंट को कराया जाए, इसे लेकर मतभेद देखने को मिले। बीसीसीआइ के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष गांगुली चाहते हैं कि रणजी मुकाबले खेले जाएं। वहीं कई पदाधिकारी 50 ओवर की विजय हजारे ट्रॉफी के पक्ष में हैं।

टी-20 प्रारूप की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी फिलहाल चल ही रही है, लेकिन गांगुली का मानना है कि लाल गेंद से होने वाली चार दिवसीय मुकाबलों वाली रणजी ट्रॉफी होनी चाहिए। यह देश का सबसे महत्वपूर्ण घरेलू टूर्नामेंट है। उनका मानना है कि जिस तरह से टी-20 ट्रॉफी बायो-बबल में कराई जा रही है, वैसे ही रणजी ट्रॉफी भी आयोजित कराई जा सकती है, जबकि कुछ अधिकारियों का कहना है कि वनडे प्रारूप में होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में कम दिनों का बायो-बबल बनाना होगा। उसे आयोजित कराना आसान है।

रणजी में ज्यादा दिन का बायो-बबल बनाना होगा, जो राज्य संघों के लिए काफी मुश्किल हो जाएगा। पदाधिकारी ने आगे कहा कि दोनों टूर्नामेंट को कराने के लिए समय नहीं है। सैयद मुश्ताक अली के नॉकआउट मुकाबले अहमदाबाद में खेले जाएंगे, जो इंग्लैंड के खिलाफ यहां होने वाली टेस्ट और टी-20 सीरीज के लिए परखने की प्रक्रिया होगी। पदाधिकारी ने आगे कहा कि महिला क्रिकेट को फरवरी से शुरू करने की तैयारी है। हम श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका से बात कर रहे हैं। उम्मीद है कि भारतीय महिला टीम श्रीलंका के साथ सीरीज से वापसी करेगी। साथ ही हम श्रीलंका से भी बात कर रहे हैं।

बैठक में अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 के टूर्नामेंट पर अभी कोई फैसला नहीं हो सका है। शीर्ष परिषद ने बीसीसीआइ के पदाधिकारियों पर यह फैसला छोड़ दिया है कि विजय हजारे ट्रॉफी कराई जाए या फिर रणजी ट्रॉफी। दो-तीन दिन में सब साफ हो जाएगा।

कर में छूट नहीं तो भी टी-20 विश्व कप की तैयारी :

पदाधिकारी ने आगे कहा कि बोर्ड ने फैसला किया कि आइसीसी की मांग के अनुरूप अगर केंद्र सरकार कर में छूट नहीं देती है तो बोर्ड विश्व कप आयोजित कराएगा और आइसीसी राजस्व में से कुछ रकम आइसीसी को लौटा देगा।

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