कोवैक्सीन टीकाकरण रोकें तीसरा ट्रायल होने तक: कांग्रेस

नई दिल्ली। सरकार ने जहां एक ओर हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के कोविड टीकाकरण अभियान के लिए कमर कस ली है, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने सरकार को आगाह किया है कि चूंकि कोवैक्सीन टीके का तीसरे चरण का ट्रायल नहीं पूरा हुआ है, इसलिए टीकाकरण अभियान अभी शुरू नहीं होना चाहिए। भारत के लोग ‘गिनी पिग’ नहीं हैं। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, “सरकार को तब तक टीकाकरण शुरू नहीं करना चाहिए, जब तक कि उनकी प्रभावकारिता की पूरी तरह पुष्टि न हो जाए और अनिवार्य थर्ड फेज का ट्रायल पूरा न हो जाए, क्योंकि भारत के लोग ‘गिनी पिग’ नहीं हैं।”

कांग्रेस की आपत्तियां कोवैक्सीन को लेकर हैं, जिसे आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता साबित करने के लिए तीसरे चरण का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार लोगों को विकल्प नहीं दे रही है।

तिवारी ने ट्वीट किया, “कल तक एनडीए/भाजपा ने दावा किया था कि कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे दी गई है। मगर आज प्राप्तकर्ता को अपनी पसंद का वैक्सीन लेने की अनुमति नहीं है। एनडीए/भाजपा भारतीयों में से गिनी पिग चुन रही है, एट द रेट डॉ. हर्षवर्धन। क्या लॉन्च करना ही कोवैक्सीन का तीसरे चरण का ट्रायल है?”

भारत बायोटेक के कोवैक्सीन की पहली खेप बुधवार को हैदराबाद से दिल्ली पहुंची। भारत बायोटेक का लक्ष्य शुरुआती चरण में दिल्ली, बेंगलुरु, लखनऊ, चेन्नई और जयपुर सहित 11 शहरों में लगभग 55 लाख टीके लगाने का है।

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (आरजीएसएसएच) को एक खेप से भारत बायोटेक के कोविड वैक्सीन की 20,000 खुराकें प्राप्त होंगी, जो बुधवार सुबह यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंची।

आरजीएसएसएच को मंगलवार को ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन की 2.64 लाख खुराक पहले ही मिल चुकी है। अस्पताल को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (सआईआई) द्वारा निर्मित कोविड वैक्सीन कोविशील्ड के 26,400 शीशियों से युक्त 22 बक्से मिले हैं।

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