राज्यों को जीएसटी मुआवजे की 6,000 करोड़ रुपये की दसवीं किस्त सरकार ने जारी की

नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने राज्यों के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) मुआवजे में कमी की भरपाई के लिए सोमवार को 6,000 करोड़ रुपये की दसवीं साप्ताहिक किस्त जारी की। इस तरह अब तक राज्यों/ संघ शासित प्रदेशों को इस माध्यम से 60,000 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि केंद्र ने जीएसटी के क्रियान्वयन की वजह से राज्यों के राजस्व में अनुमानित 1.10 लाख करोड़ रुपये की कमी की भरपाई के लिए अक्टूबर में विशेष ऋण सुविधा शुरू की थी। इस सुविधा के तहत केंद्र द्वारा राज्यों और संघ शासित प्रदेशों की ओर से ऋण लिया जाता है।

वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘इसमें से 5,516.60 करोड़ रुपये 23 राज्यों को जारी किए गए हैं। इसके अलावा तीन संघ शासित प्रदेशों दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी को 483.40 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।’ शेष पांच राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम में जीएसटी लागू करने से उनके राजस्व में कोई गिरावट नहीं आई।

बयान में कहा गया है कि इस सप्ताह कर्ज 4.15 प्रतिशत के ब्याज पर लिया गया गया। अब तक केंद्र सरकार इस सुविधा के तहत औसतन 4.68 प्रतिशत के ब्याज पर 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। अब तक केंद्र द्वारा राज्यों को 23 अक्टूबर, 2 नवंबर, 9 नवंबर, 23 नवंबर, 1 दिसंबर, 7 दिसंबर, 14 दिसंबर, 21 दिसंबर, 28 दिसंबर, 2020 और 4 जनवरी, 2021 को किस्त जारी की गई है।

मालूम हो कि दिसंबर महीने में कुल 1,15,174 करोड़ रुपये का वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन हुआ। यह अब तक का सबसे अधिक जीएसटी कलेक्शन है। दिसंबर, 2020 में एसजीएसटी के रूप में 27,804, सीजीएसटी के रूप में 21,365 करोड़ रुपये और IGST (एकीकृत जीएसटी) के रूप में 57,426 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। इसके अलावा सेस के रूप में सरकार को 8,579 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। सरकार की ओर से उपलब्ध करायी गई जानकारी के मुताबिक नवंबर से 31 दिसंबर, 2020 तक कुल 87 लाख GSTR-3B रिटर्न भरे गए हैं।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह samayduniya7@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.