रेलवे ट्रैक पर मिला कर्नाटक विधान परिषद के उप-सभापति का शव

चिकमंगलूरू। कर्नाटक के राज्य विधान परिषद के उप-सभापति एस.एल. धर्मेगौड़ा को मंगलवार को उनके गृहनगर के पास एक रेलवे ट्रैक पर मृत पाया गया। बीते पखवाड़े सदन में धर्मेगौड़ा (64) के साथ दुर्व्यवहार हुआ था। ऐसी कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिनमें सदन के भीतर विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों को उनके साथ हाथापाई करते हुए देखा जा सकता है। कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने उन्हें कुर्सी से जबरदस्ती खींचकर हटा दिया था।

उनके करीबी सूत्रों ने बताया कि धर्मेगौड़ा का शव चिकमंगलूरू के काडुरु तालुक में गुनसागर और काबली गांवों के पास रेलवे ट्रैक पर देर रात करीब दो बजे के पास मिला। उन्होंने धर्मेगौड़ा के आत्महत्या करने का अंदेशा जताया है। काडुरु तकनीकी हब बेंगलुरू से 235 किलोमीटर दूर है।

पुलिस ने गौड़ा की मौत की पुष्टि की है, जिससे बाद अब कर्नाटक की राजनीति में तूफान आने की संभावना है और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया जा सकता है।

सूत्रों ने बताया कि गौड़ा अपने ड्राइवर के साथ रात 10 बजे के करीब सैंट्रो कार में सखारयापत्तना स्थित फार्महाउस से निकले थे।

सूत्रों ने कहा, “गौड़ा किसी से मिलने के बहाने कार से उतरे और उन्होंने ड्राइवर से कार में ही बैठकर उनका इंतजार करने के लिए कहा। लेकिन जब काफी लंबा समय बीत गया तो ड्राइवर ने गौड़ा के बेटे को फोन करके बताया कि वह घंटों से इंतजार कर रहा है, मगर उनके पिता अभी तक नहीं लौटे हैं।”

सूत्र ने बताया, “यह सुनने के बाद, चिंताजनक परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की और उन्हें उसका शव तड़के ट्रैक पर पड़ा मिला।”

गौड़ा का जन्म 15 दिसंबर, 1955 को सर्पनाहल्ली में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा अपने गृहनगर में पूरी की, जबकि स्नातक की पढ़ाई चिकमंगलुरू में की।

उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बिलेक्लाहल्ली मंडला पंचायत के सदस्य के रूप में की थी और वे 2004 में बिरुर से विधायक चुने गए थे। इसके अलावा उन्होंने कई वर्षों तक सहकारी क्षेत्र में सेवा की।

गौड़ा अपने पीछे अपनी पत्नी ममता, बेटे सोनल और बेटी सलोनी को छोड़ गए हैं। उनके भाई एस.एल. भोजेगौड़ा भी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हैं।

मृदुभाषी नेता के रूप में जाने जाने वाले गौड़ा हाल ही में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से सत्र की अध्यक्षता करने की कोशिश के लिए उच्च सदन में उन्हें घेरने के बाद चर्चा में थे।

कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने उन्हें कुर्सी से (अध्यक्ष की सीट) जबरदस्ती खींचकर हटा दिया और आरोप लगाया कि उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस के अपर सदन अध्यक्ष प्रतापचंद्र शेट्टी को बाहर कर दिया है।

भाजपा ने कांग्रेस के कुछ एमएलसी को निलंबित करने और हंगामे के लिए अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग को एक बड़ा मुद्दा बनाया था। बता दें कि धर्मेगौड़ा को दिसंबर 2018 में उपाध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना गया था।

भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थी और उच्च सदन में इसपर मतदान होना बाकी था।

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