मोदी सरकार पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- किसानों को उपदेश की जरूरत नहीं, कानून वापस लें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कृषि कानूनों का बचाव करने और किसानों को गुमराह करने के लिए विपक्ष पर हमला करने के बाद, कांग्रेस ने शुक्रवार को पलटवार किया और कहा कि किसानों को उपदेश की जरूरत नहीं है, कृषि कानूनों को वापस लेना चाहिए। कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने ट्वीट किया, “इस मोड़ पर, किसानों को भाजपा के खोखले भाषणों और उपदेशों की जरूरत नहीं है, उन्हें काले कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए ठोस समाधान की आवश्यकता है – आत्मभाषण और गुप्त रूप से रैलियों का आयोजन करने के बजाय, भाजपा नेतृत्व को किसानों को संबोधित करने के लिए सिंघु, टीकरी और अन्य विरोध स्थल पर मंच बनाना चाहिए।”

कांग्रेस ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना पर भी मोदी पर हमला किया और कहा, “नौ करोड़ खातों में 18000 करोड़ रुपये, जो प्रति परिवार 2000 रुपये और प्रति व्यक्ति 500 रुपये (औसत परिवार के हिसाब से चार) ट्रांसफर करके भाजपा को एमएसपी की आय से किसानों की आजीविका छीनने का लाइसेंस नहीं मिल सकता है – प्रतीकवाद भाजपा के पूंजीवाद को नहीं छिपा पाएगा।”

कांग्रेस नेता ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “किसान सम्मान पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रति व्यक्ति 500 रुपये हस्तांतरित करके नहीं खरीदा जा सकता है – अब प्रधानमंत्री के भाषण सहित हर भाजपा मेगा इवेंट की शुरुआत 23 से अधिक किसानों की मौत पर माफी मांगते हुए और खेद व्यक्त करते हुए की जानी चाहिए।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की किश्त के 18 हजार करोड़ रुपये की राशि करीब नौ करोड़ किसानों के खातों में ट्रांसफर की है।

इस दौरान मोदी ने विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया। मोदी ने नए कानूनों को सराहा और किसानों के खातों में सीधे तौर पर रुपये ट्रांसफर करते हुए कहा, “मैं संतुष्ट हूं कि अब कोई बिचौलिया नहीं है और किसानों को सीधे पैसा मिल रहा है। अब तक 1,10,000 करोड़ रुपये बिना किसी कटौती और कमीशन के जमा किए गए हैं। यह सुशासन है।”

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह samayduniya7@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.