सियासी रार विश्वभारती शताब्दी समारोह में ममता के शामिल न होने को लेकर

कोलकाता। विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शामिल नहीं होने को लेकर सियासी रार बढ़ता जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसको लेकर ममता पर करारा वार किया है। उन्होंने कहा कि विश्वभारती विश्वविद्यालय दुनिया भर में बंगाल की पहचान है। परंतु सिर्फ़ राजनीतिक विद्वेष के कारण ममता बनर्जी इसमें शामिल नही हुई। उन्होंने अपने अहम के लिए आज गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर और देश के संघीय ढांचे का अपमान किया है।

इधर राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल के मंत्री एवं वरिष्ठ नेता ब्रात्य बसु ने गुरुवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विश्वभारती विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शामिल होने का न्योता नहीं दिया गया था। इसीलिए वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। दूसरी ओर, विश्वभारती विश्वविद्यालय की ओर से एक पत्र सार्वजनिक किया गया है जिसमें कुलपति विद्युत चक्रवर्ती ने चार दिसंबर को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा था और शताब्दी समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित किया था।

नड्डा ने ट्वीट कर कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और बंगाल की संस्कृति, साहित्य और दर्शन में गहरी आस्था है।उन्होंने बंगाल को हमेशा अनुकरणीय और देश को दिशा देने वाला माना है। अब बंगाल ममता के अहंकार को तार-तार करेगा और भाजपा को सोनार बंगाल बनाने का मौका देगा। नड्डा ने कहा कि ईर्ष्या, राजनीतिक विद्वेष व प्रतिद्वंदिता के चलते ममता बनर्जी ने विश्वभारती के शताब्दी समारोह का बहिष्कार किया। उन्होंने बंगाल की संस्कृति व गुरुदेव टैगोर के गौरव को धूमिल किया। वो बार-बार संघीय ढांचे की दुहाई देती है किंतु हर मौक़े पर संवैधानिक मूल्यों को तार-तार करती हैं।

 

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