प्रयागराज में भगवान कार्तिकेय का प्राकट्य उत्सव महात्माओं ने मनाया श्रद्धा से

प्रयागराज। पंचायती श्रीनिरंजनी अखाड़ा के आराध्य भगवान कार्तिकेय का प्राकट्य उत्सव श्रद्धा से मनाया गया। दारागंज स्थित अखाड़ा के आश्रम में मंत्रोच्चार के बीच कार्तिकेय की मूर्ति का अभिषेक व पूजन किया गया। अखाड़ा के सचिव महंत ओमकार गिरि के नेतृत्व में महात्माओं ने भगवान कार्तिकेय को पुष्प, फल, मिष्ठान अर्पित करके आरती उतारकर जनकल्याण की कामना की।

जनकल्‍याण के लिए जल्‍द कोरोना वायरस का संक्रमण खत्‍म होने की कामना की

ओमकार गिरि ने भगवान कार्तिकेय से जनकल्याण के लिए कोरोना संक्रमण जल्द खत्म करने की कामना की। मठ बाघंबरी गद्दी के उत्तराधिकारी योगगुरु स्वामी आनंद गिरि ने भगवान कार्तिकेय की महिमा का बखान किया। कहा कि भगवान कार्तिकेय की स्तुति से मनुष्य को दैहिक, दैविक व भौतिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दौरान अखाड़ा के कोठारी कुलदीप गिरि, जिलेदार दिनेश, राघवेंद्र गिरि मौजूद रहे।

समस्‍त कष्‍टों का निवारण करने वाले हैं भगवान कार्तिकेय

वहीं, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने भगवान कार्तिकेय को समस्त कष्टों का निवारण करने वाला आराध्य देव बताया। कहा कि भगवान कार्तिकेय निरंजनी अखाड़ा के लिए आराध्य व सम्मानीय हैं।

देश भर में अखाड़े के हर आश्रम में भगवान कार्तिकेय का विधि-विधान से हुआ पूजन

देशभर में अखाड़े के हर आश्रम में भगवान कार्तिकेय का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। कुंभ मेला की पेशवाई में भगवान को पालकी में विराजमान करके भ्रमण कराया जाता है। जबकि शाही स्नान पर सर्वप्रथम भगवान कार्तिकेय को स्नान कराया जाता है। इसके बाद निरंजनी अखाड़ा के समस्त महात्मा स्नान करते हैं।

 

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