500 निजी कंपनियों को MSMEs के बकाए भुगतान के लिए सचिव ने लिखा पत्र

 नई दिल्ली। MSMEs को खड़ा करने की कवायद में जुटी सरकार ने एक बार फिर से सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वह एमएसएमई को बकाए का भुगतान करे। एमएसएमई सचिव ए.के. शर्मा ने लगभग 500 निजी कंपनियों को पत्र लिखकर यह निर्देश दिए हैं। इस साल मई में आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा के दौरान 45 दिनों में एमएसएमई के बकाए का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन कई कंपनियों ने अब तक एमएसएमई के बकाए का भुगतान नहीं किया है। सरकार इससे पहले भी एमएसएमई के बकाए भुगतान के लिए कंपनियों को निर्देश जारी कर चुकी है। भारत के जीडीपी में एमएसएमई की 30 फीसद हिस्सेदारी है और 11 करो़ड़ लोग एमएसएमई में काम करते हैं।

सचिव ने अपने पत्र में कहा कोरोना की वजह से सभी प्रकार के कारोबार पर दबाव है, लेकिन एमएसएमई पर यह दबाव अपेक्षाकृत अधिक है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई को उनके खरीदार और उनकी सेवा लेने वाले की तरफ से भुगतान नहीं नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ रही है। सचिव की तरफ से भेजे गए पत्र में सभी कंपनियों को एमएसएमई के बकाए की समीक्षा कर उसे तत्काल तौर पर निपटाने के लिए कहा गया है। बकाए भुगतान मिलने से एमएसएमई की नकदी समस्या का निवारण हो सकता है जिससे उन्हें अपनी यूनिट चलाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की तरफ से कंपनियों को अपने रिटर्न में एमएसएमई के बकाए का जिक्र करने का निर्देश दिया है, लेकिन कई कंपनियां ऐसा नहीं कर रही है। मंत्रालय के मुताबिक केंद्र और राज्य के पीएसयू की तरफ से एमएसएमई को 10,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी कई बार सार्वजनिक मंच से यह कह चुके हैं कि सभी कंपनियों के पास एमएसएमई का पांच लाख करोड़ रुपये का बकाया है।

 

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