दिल्ली में नहीं होगी महंगी इस वर्ष बिजली, ई वाहन चार्ज करने वालों को बड़ी राहत

नई दिल्ली। कोरोना संकट काल में दिल्लीवालों के लिए राहत भरी खबर आई है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) ने इस वर्ष बिजली की दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया गया है। स्थायी शुल्क में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ई-वाहन चार्जिंग स्टेशनों को सस्ती दर पर बिजली मिलती रहेगी। वहीं, मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।

डीईआरसी ने वर्ष 2020-21 के लिए बिजली की नई दरें घोषित कर दी है। बिजली आयोग ने निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की बिजली की दरें बढ़ाने की मांग को खारिज करते हुए उपभोक्ताओं के हक में फैसला किया है। आयोग का कहना है कि कोरोना संकट में लोगों की परेशानी को ध्यान में रखकर बिजली की दरों में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया गया है। आयोग ने सितंबर में गैर घरेलू उपभोक्ताओं के टाइम ऑफ डे-टीओडी टैरिफ (पिक ऑवर के हिसाब से बिल देने वाले) पर लगने वाले अधिभार को भी माफ करने की घोषणा की है। इन उपभोक्ताओं से बिजली शुल्क पर 20 फीसद अधिभार वसूला जाता है।

ई वाहन चार्ज करने के लिए सस्ती बिजली

राजधानी में ई वाहन को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष सस्ती बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। इस वर्ष भी यह रियायत जारी रहेगी। चार्जिंग स्टेशन पर ई-रिक्शा व अन्य ई वाहनों की बैटरी लोग सस्ती दरो पर चार्ज करा सकेंगे। लो टेंशन लाइन वाले बिजली कनेक्शन पर ई वाहन साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से चार्ज किए जा सकेंगे। जबकि हाई टेंशन वाले कनेक्शन पर चार रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना होगा।

उपभोक्ताओं से वसूला जाएगा ज्यादा पेंशन ट्रस्ट अधिभार

बिजली की दरों में तो बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन पेंशन ट्रस्ट अधिभार ज्यादा चुकाना होगा। दरअसल सेवानिवृत्त बिजली कर्मियों को पेंशन देने का भार इस वर्ष भी उपभोक्ताओं को उठाना होगा। अबतक उपभोक्ताओं को बिजली बिल का 3.8 फीसद पेंशन अधिभार वसूला जाता था, अब इसे बढ़ाकर पांच फीसद कर दिया गया है। इसके साथ ही डिस्कॉम डीईआरसी के पास बकाया रेगुलेटरी असेट की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं से बिजली बिल पर आठ फीसद अधिभार वसूलती रहेगी।

स्थायी शुल्क की दरों में भी बदलाव नहीं

दो किलोवाट स्वीकृत भार वाले उपभोक्ताओं को प्रति माह 20 रुपये प्रति किलोवाट, तीन से पांच किलोवाट तक 50 रुपये प्रति किलोवाट, छह किलोवाट से 15 किलोवाट तक एक सौ रुपये प्रति किलोवाट, 16 किलोवाट से 25 किलोवाट तक 200 रुपये प्रति किलोवाट और इससे ज्यादा लोड वालों को 250 रुपये प्रति किलोटवाट की दर से स्थायी शुल्क वसूला जाएगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें स्लैब (यूनिट)-बिजली दर (रुपये/यूनिट)

0-200-3.00

201-400-4.50

401-800-6.50

801-1200-7

1200 से ऊपर-8

समूह आवासीय समितियों को सिंग्ल प्वाइंट आपूर्ति के लिए प्रति किलोवाट 150 रुपये स्थायी शुल्क तथा साढ़े चार रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल लिए जाएंगे।

सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं से वसूला जाने वाला बिल स्लैब

प्रति माह 200 यूनिट बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को दिल्ली सरकार एक सौ फीसद और 201 से 400 यूनिट वालों को 50 फीसद सब्सिडी देती है।

स्लैब-दर (रुपये/यूनिट)

0-200 यूनिट-00

201-400 यूनिट-2.25

गैर घरेलू उपभोक्ता

स्वीकृत भार                   स्थायी शुल्क (रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह)-बिजली की दर (रुपये/यूनिट)

तीन किलोवाट तक                  250-6

तीन किलोवाट से ऊपर            250-8.50

औद्योगिक उपभोक्ता                250-7.75

कृषि                                     125-1.50

मशरूम उत्पादन                     200-3.50

सार्वजनिक सुविधाएं                  250-6.25

डायल                                     250-7.75

विज्ञापन व होर्डिंग                     250-8.50

 

आरडब्ल्यू ने किया विरोध

यूनाइटेड रेजिडेंट्स ऑफ इंडिया ने डीईआरसी के फैसले का विरोध किया है। संस्था के महासिचव सौरभ गांधी ने कहा कि कारोबार बंद रहने के बावजूद गैर घरेलू उपभोक्ताओं से स्थायी शुल्क वसूला गया। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सहित अन्य संस्थाएं इसका विरोध कर रही थीं, लेकिन टैरिफ में उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं दी गई। पेंशन अधिभार खत्म किया जाना चाहिए। इसके बजाय इसमें में डेढ़ फीसद की बढ़ोतरी कर दी गई है।

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