तीन वैक्‍सीन का परीक्षण चल रहा है देश में , टीके को लेकर रूस के संपर्क में है सरकारः स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय

नई दिल्‍ली। कोरोना वायरस पर मंगलवार को स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की प्रेस कांफ्रेंस में आईसीएमआर के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) बलराम भार्गव ने कहा कि भारत में तीन COVID-19 वैक्‍सीन का परीक्षण चल रहा है। सीरम इंस्‍टीट्यट की वैक्‍सीन का 2 (बी) फेज और 3 फेज टेस्‍ट चल रहा है। भारत बायोटेक और जेडस कैडिला की वैक्‍सीन ने 1 फेज का टेस्‍ट पूरा कर लिया है।  उन्‍होंने कहा कि 30 जनवरी 10 टेस्ट प्रतिदिन, 15 मार्च 1000 टेस्ट प्रतिदिन, 15 मई 95000 टेस्ट और 21 अगस्त को हम 10 लाख टेस्ट प्रतिदिन के लैंडमार्क पर पहुंच गए हैं।

ज्ञात हो कि भारत में मंगलवार से पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII), ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन का फेज -2 क्लीनिकल ट्रायल शुरू करने जा रहा है। पुणे के भारती विद्यापीठ चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में  सुरक्षा और प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिए स्वस्थ वयस्कों पर अध्ययन किया जाएगा। गौरतलब है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन बनाने के लिए ब्रिटिश-स्वीडिश फार्मा कंपनी एस्ट्राजेनिका के साथ साझेदारी की है। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 3 अगस्त को सीरम को देश में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित वैक्सीन के फेज 2 और 3 के ह्यूमन ट्रायल के लिए मंजूरी दी थी। ट्रायल 17 चयनित जगहों पर आयोजित किए जाने हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि आज देश में ठीक हुए लोगों की संख्या एक्टिव केसों से 3.4 गुनी ज्यादा है। रिकवर हुए मरीजों की संख्‍या 24 लाख से अधिक है। कुल मामलों के 22.2 प्रतिशत केस एक्टिव हैं। रिकवरी रेट 75 प्रतिशत से ज्यादा हो गया है। अब तक 3 करोड़ 60 लाख टेस्‍ट हो चुके हैं।

राजेश भूषण ने कहा कि पिछले 24 घंटों में एक्टिव मामलों में 6423 की गिरावट दर्ज हुई है। कुल एक्टिव मामलों में से कुल 2.70 प्रतिशत मामले ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। एक्टिव मामलों में से 1.92 प्रतिशत मरीज ही ICU में है और 0.29 प्रतिशत वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। भारत में COVID-19 से मृत्यु दर 1.58 फीसद है जो दुनिया में सबसे कम है। अभी तक कोरोना की वजह से कुल 58,390 मौतें हुई हैं जिसमें से 69 फीसद पुरुष और 31 फीसद महि‍लाएं हैं। 36 फीसद 45-60 आयु के और 51 फीसद 60 और उससे ऊपर की आयु वर्ग वाले लोग हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने कहा कि जहां तक स्पुतनिक -5 वैक्सीन (रूस में विकसित COVID 19 वैक्सीन) का संबंध है, भारत और रूस एक दूसरे के संपर्क में हैं। कुछ प्रारंभिक जानकारी साझा की गई है।

प्रोफेसर (डॉ.) बलराम भार्गव ने कहा कि आइसीएमआर का सिरो सर्वे का प्रकाशन जल्‍द होने वाला है। यह इस सप्ताह इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में दिखाई देना चाहिए। इसकी समीक्षा की गई है। दूसरा राष्ट्रीय सीरो सर्वे सितंबर के पहले सप्ताह में पूरा होना चाहिए।

डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि मैं ये नहीं कहूंगा कि युवा या बुजुर्ग लोग बल्कि गैर-जिम्मेदार, कम सतर्क लोग जो मास्क नहीं पहन रहे हैं, भारत में महामारी को फैला रहे हैं।

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