बंदरों को मंगलवार को चने खिलाने से घर में बनी रहती है…

कई बार समय आपके पक्ष का नहीं होता। कोई भी काम पूरा हो ही नहीं पाता, काम की शुरुआत अच्छीर भी तो काम पूरा नहीं हो पाए तो समझिए कि आपके ग्रह आपके अनुकूल काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मां लक्ष्मी और सरस्वती भी आपका साथ छोडने लगती हैं। तंत्र साधना कहती है कि ऐसे जातक को तंत्र और मंत्र की मदद लेनी चाहिए और अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए कुछ खास प्रयास भी करने चाहिए। ये प्रयास आपके प्रतिकूल ग्रहों को अनुकूल बनाने और आपके बुरे समय को आपके पक्ष में करने का काम करने लगते हैं।

जीवन मे कठिनाइयां यदि बहुत बढ़ने लगे तो बिना देरी किए जिस पानी से आप स्नान करते हों उसमें 100 ग्राम काले तिल डालकर स्नान करना शुरु कर दें। महज 21 या 41 दिनों में आपको महसूस होने लगेगा कि सब कुछ ठीक होने लगा है।

जीवन की अनेकों समस्याएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में हताश होने की बजाए किसी भी अमावस्या को किसी गरीब व्यक्ति को भोजन कराने और उसे वस्त्र और दक्षिणा देने से आपके सिर पर लगा पितृदोष दूर होता है और परलोक में बैठे आपके पितृ आपसे प्रसन्न होकर सुखी रहने का आशीर्वाद देने लगते हैं।

हर परिवार के कोई कुल देव या कुलदेवी होते हैं। कुछ लोगों को छोड़ दें तो त्यौहारों के अलावा उन्हें कोई भी याद नहीं करता। कहते हैं किसी भी काम पर जाने से पहले यदि विधिवत उनकी पूजन हो तो। उनका काम सफल होने लगता है और सफलता का मार्ग खुलने लगता है।

वास्तु के अनुसार छत पर और ईशान दिशा मे काम मे न आने वाली वस्तुए नहीं रखना चाहिये क्योंकि ईशान दिशा का बहुत आधिक महत्त्व हैं, पर रखना ही पड़ जाए तो उसे दक्षिण दिशा की ओर रखना चाहिए, ऐसा करने से से वाधाए कम होगी और लाभ की अवस्था बनने लगेगी।

घर की सुख शांति बनाए रखने के लिए काले कुत्ते को जो भगवान भैरव का वाहन माना जाता हैं उसे सरसों के तेल मे लगी रोटी और उसमे थोडा सा काली उडद की दाल मिलाकर खिलाए तो बहुत अनुकूलता होगी पर यह शनिवार को करना कहीं जयादा लाभदायक हैं।

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