आज होगी सीडब्ल्यूसी की बैठक, कांग्रेस का बंटे हुए घर जैसा हाल बैठक से पहले

नई दिल्ली । एक पत्र के सामने आने के बाद, जिसमें कांग्रेस के भीतर ऊपर से लेकर नीचे तक सुधार के लिए कहा गया है, गांधी परिवार समर्थक लॉबी पत्र के खिलाफ सामने आई है और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को आड़े हाथों लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने भी पत्र को खारिज कर दिया है, जैसा कि उन्होंने एक बयान में कहा है कि “सोनिया गांधी को पार्टी अध्यक्ष बने रहना चाहिए। कांग्रेस को एक ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो न केवल कुछ के लिए, बल्कि पूरी पार्टी के लिए रैंक, फाइल और बड़े पैमाने पर राष्ट्र के लिए स्वीकार्य हो।” उन्होंने कहा कि गांधी परिवार इस भूमिका के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जब तक चाहें, तब तक उन्हें पद पर बने रहना चाहिए। उसके बाद राहुल को जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि वह पार्टी का नेतृत्व करने के काबिल हैं।

जहां कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक से पहले पार्टी के भीतर बहस इस बात पर है कि पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, यह सवाल अभी भी बड़ा है, क्योंकि पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, “चुनाव के लिए जोर नहीं देना चाहिए और इस मुद्दे पर आम सहमति को एक मौका देना चाहिए। राहुल गांधी को पार्टी और कार्यकर्ताओं का पूरा समर्थन है।”

कांग्रेस में इस बात को लेकर राय बंटी हुई है कि सोनिया गांधी की जगह कौन लेगा और सीडब्ल्यूसी की महत्वपूर्ण बैठक से पहले अटकलें तेज हो गई हैं। जबकि कुछ कांग्रेस नेताओं ने, जिन्होंने पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, उन्होंने कहा कि वे इसमें लिखी सभी बातों के साथ नहीं हैं, लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है, जिस पर विचार किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी के प्रति विपक्ष में कोई विरोध नहीं है, क्योंकि अमरिंदर सिंह ने कहा कि चुनावी हार नेतृत्व परिवर्तन के लिए एकमात्र संकेत नहीं हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि “पार्टी को विभाजित करने या अस्थिर करने के किसी भी कदम का फायदा उन तानाशाह ताकतों को मिलेगा जो उन आदशरें को रौंदने की कोशिश कर रहे हैं जिन पर हमारे संस्थापक जन ने आधुनिक भारत का निर्माण किया था जिसका आज दुनिया में सम्मान है।”

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस मामले पर कार्यसमिति में चर्चा की जा सकती है, लेकिन पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “मैंने पत्र नहीं देखा है, इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा।” जबकि उन्होंने इस मुद्दे पर सोनिया गांधी द्वारा कोई भी साक्षात्कार दिए जाने की बात से इनकार किया है।

इससे पहले, कांग्रेस ने इस तरह के पत्र के अस्तित्व से इनकार किया था, लेकिन अब यह 20 से अधिक नेताओं के हस्ताक्षर के साथ सामने आया है। पत्र में, भाजपा के उदय पर चिंता व्यक्त करते हुए, ‘पूर्णकालिक’ पार्टी प्रमुख की मांग की गई है। सोनिया गांधी पिछले साल अगस्त से पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष हैं।

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