बिहार में उफान पर नदियां, लोगों को जागरूक करने में जुटे एनडीआरएफ, आपदा बल

पटना। बिहार और नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण उत्तर बिहार में नदियां उफनाने लगी हैं। मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, दरंभगा, सीतामढ़ी में कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, महानंदा, कोसी, बागमती और कमला बलान उफान पर हैं तथा गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इधर, कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। लोग घरों को छोड़कर अब सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना खोजने लगे हैं।

इस बीच, जिला प्रशासन और एनडीआरएफ भी कोरोना काल में बाढ़ से निपटने के लिए लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं। कोरोना संक्रमण के बीच बाढ़ को लेकर विशेष योजना बनाई गई है। राज्य में बाढ़ की आंशंका को देखते हुए संभावित जिलों के पंचायतों की निगरानी प्रारंभ कर दी गई है। ऐसे गांवों में आपदा बल का गठन कर लोगों के बीच कोरोना संक्रमण के दौर में बाढ़ से बचने के उपाय की जानकारी दी जा रही है और उन्हें जागरूक किया जा रहा है।

बाढ़ से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसीआरएफ के जवानों को जिलों में तैनात कर दिया गया है। हालांकि अभी राज्य में बाढ़ की स्थिति भयावह नहीं हुई है। आपदा बल इस समय लोगों को जागरूक करने में जुटा है। जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक में आपदा बल के लोग पहुंच रहे हैं और लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

एनडीआरएफ भी लोगों को जागरूक करने में जुटा है। बिहटा एनडीआरएफ की 9वीं वाहिनी के कमांडेंट विजय सिन्हा ने आईएएनएस को बताया कि आपदा बल के लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की मांग पर तथा बल मुख्यालय एनडीआरएफ , नई दिल्ली की सहमति से 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ की कुल 13 टीमों को बिहार राज्य के कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, नालंदा, छपरा, पटना तथा बक्सर जिलों में तैनात किया गया है।

उन्होंने माना कि कोरोना काल में बाढ़ से निपटना एक चुनौती है, लेकिन एनडीआरएफ की टीम अभी से ही लोगों को जागरूक करने में जुटी है।

उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों से ग्रामीणों को बाहर निकलने के तरीके बताए जा रहे हैं। इसके अलावा मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाने को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा बल के लोगों को भी प्रशिक्षित करने की योजना बनाई जा रही है।

एनडीआरएफ का मानना है कि इस जागरूकता कार्यक्रम के बाद बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सुविधा होगी और इससे सामुदायिक संक्रमण को भी रोका जा सकेगा।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एसडीआरएफ की 14 टीमों और होमगार्ड के 100 जवानों को पूर्णिया, खगड़िया, सीवान, पटना, भागलपुर, सहरसा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, सीतमाढ़ी, मधेपुरा और समस्तीपुर में तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि बिहार के विभिन्न जिलों में प्रतिवर्ष बाढ़ का कहर टूटता है, जिससे लोग तबाह हो जाते हैं।

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