DGCA सेवामुक्त करेगा वेतन घोटाले में संलिप्त एआई अधिकारी को

नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया के मुख्य उड़ान संचालन निरीक्षक (सीएफओआई) को सेवा से हटाने का निर्णय लिया है, जो उड्डयन नियामक में प्रतिनियुक्ति के बाद से दो वर्षो तक कथित रूप से एयर इंडिया और डीजीसीए दोनों से वेतन ले रहा था। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, अधिकारी को 30 जून को करार खत्म होने के बाद वापस एयर इंडिया भेजा जा सकता है।

यह अधिकारी राष्ट्रीय वाहक, एयर इंडिया में कथित तौर पर एक संयुक्त प्रबंधक के पद पर जनवरी 2017 तक कार्यरत था और उसके बाद उसकी डीजीसीए में प्रतिनियुक्ति हुई। कथित घोटाला पिछले साल जनवरी में सामने आया था।

मामला सामने आने के बाद एयर इंडिया ने एक आंतरिक जांच की और उसके बाद उसने पिछले साल जून में सीएफओआई को मुक्त करने के लिए डीजीसीए से आग्रह किया, ताकि एयरलाइन उसे वापस लाकर आरोपों की जांच कर सके। हालांकि डीजीसीए ने उस समय अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था।

हालांकि कथित घोटाले को लेकर कई गुत्थियां हैं। मामले से परिचित एक व्यक्ति ने कहा है कि यह मामला जटिल है और इसे सुलझाने के लिए आंतरिक तौर पर काफी प्रयास करने होंगे। सूत्र ने कहा, “जब पॉयलट अतिरिक्त भुगतान को वापस कर रहे हैं, तो कोई जांच न होने का सवाल ही नहीं उठता।” कई लोगों के हालांकि अलग-अलग विचार हैं।

संबधित अधिकारी पर बकाया धनराशि को लेकर भी विवाद है। एयर इंडिया ने डीजीसीए के साथ कार्यरत रहने के दौरान एयरलाइन से कुल 2.8 करोड़ रुपये वेतन प्राप्त करने को लेकर पिछले साल सीएफओआई को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

दूसरे पक्ष के सूत्रों ने यह भी कहा है कि संबंधित अधिकारी ने कथित घोटाला प्रकाश में आने के बाद एयर इंडिया को दो किश्तों में लगभग 90 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है और एयरलाइन को जल्द ही पूरी धनराशि मिलने की उम्मीद है।

Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह samayduniya7@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.