पंजाब पुलिस ने हिज़बुल कमांडर नायकू के दो साथियों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़ । एक बड़े खुलासे में पंजाब पुलिस ने श्रीनगर (कशमीर) में बीते दिन मुकाबले में मरे हिज़बुल मुजाहदीन कमांडर, रिआज़ अहमद नायकू के नज़दीकी साथी हिलाल अहमद वागे के दो साथियों की बुधवार को अमृतसर से गिरफ़्तारी से आतंकवादी नायकू के अंतर-राज्ज़ीय संपर्क का पता लगाया है।
अपराधों की गंभीरता और पंजाब के अलावा केस के सरहद पार प्रभावों को देखते केंद्र ने एनआईए को निर्देश दिया है कि वह इस सारी साजि़श का पर्दाफाश करने के लिए इस मामले की और जांच करें जिसके सम्बन्ध जम्मू -कश्मीर के रास्ते से सरहद पार भी हैं।
जि़क्रयोग्य है कि पाबन्दीशुदा आतंकवादी संगठन हिज़बुल मुजाहदीन (एच.एम.) के कमांडर नायकू को बीते दिनों दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षा बलों ने मुकाबले में मार दिया था। इससे पहले वागे को 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने गिरफ़्तार किया था, जिसने बाद में केंद्र और जम्मू कश्मीर सरकार के सामने खुलासा किया था।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कल हुई गिरफ़्तारियों का विवरण देते हुये बताया कि हिज़बुल के आतंकवादी हिलाल अहमद वागे, जिसको अमृतसर से काबू किया गया था, की खोज की गई थी, जहाँ दोनों रिआज़ अहमद नायकू, कश्मीर वादी में हिज़बुल कमांडर के निर्देशों पर अमृतसर से पैसे इकठ्ठा करने आए थे।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से राज्य में नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी की साजि़श का पर्दाफाश करने के साथ-साथ पुलिस ने उनसे 1 किलो हेरोइन समेत 32 लाख रुपए की भारतीय मुद्रा भी ज़ब्त की। उनकी गिरफ़्तारी के समय उनके पास से 20 लाख रुपए नकद बरामद की गई, बाद में बाकी रुपए उनके घरों से ज़ब्त किये गए और फिर अदालत की तरफ से उनको पुलिस रिमांड में भेज दिया गया।
डीजीपी ने बताया कि रणजीत सिंह उर्फ चीता, इकबाल सिंह उर्फ शेरा और श्रवण सिंह के निर्देशों पर बिक्रम सिंह उर्फ विक्की हिलाल अहमद को 29 लाख की नकद राशि देने के लिए एक स्कूटी पर रुपए लेकर आया था।
गिरफ़्तार किये दोनों मुलजिमों की पहचान बिक्रम सिंह उर्फ विक्की पुत्र सकत्तर सिंह निवासी मकान नं. 39 -सी, गुरू अमरदास ऐवीन्यू, अमृतसर और मनिन्दर सिंह उर्फ मनी पुत्र सकत्तर सिंह निवासी मकान नं. 39 -सी, गुरू अमरदास ऐवीन्यू, अमृतसर के तौर पर की गई है।
हिलाल को अमृतसर कमिशनरेट पुलिस की एक अलर्ट टीम ने काबू किया था, जो 25 अप्रैल देर शाम को अमृतसर शहर के मेट्रो मार्ट के नज़दीक एक मोटर साइकिल पर गस्त कर रहा था। थाना सदर, अमृतसर में अवैध गतिविधियां रोकथाम एक्ट 1967 की धाराओंं 10 /11 /13 /17 /18 /20 /21 और एन.डी.पी.एस एक्ट की धारा 21 /61 /85 के अधीन एफआईआर नंबर 135 तारीख़ 25 /04 /2020 को दर्ज किया गया।
दोनों मुलजिमों से पूछताछ से आगे यह पता चला कि बिक्रम और मनिन्दर दोनों, उसके चचेरे भाई (आंटी के बेटे) रणजीत सिंह उर्फ चीता, इकबाल सिंह उर्फ शेरा और श्रवण सिंह समेत सरहद पारों नशे और हथियारों की तस्करी करते हैं।
डीजीपी ने बताया कि पुलिस टीमें रणजीत सिंह उर्फ चीता निवासी हवेलियाँ नौशहरा ढाला, थाना सराए अमानत खान, जि़ला तरन तारन, इकबाल सिंह उर्फ शेरा निवासी हवेलियाँ नौशहरा ढाला, थाना सराए अमानत खान, जि़ला तरन तारन, श्रवण सिंह पुत्र हरबंजन सिंह निवासी हवेलियां की खोज में थे, जिनकी शमूलियत के जांच के दौरान सामने आई है।

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