प्रवासी श्रमिकों के रेल यातायात के लिए पंजाब सरकार की तरफ से पहले दौर में 35 करोड़ मंजूर

चंडीगढ़ । पंजाब सरकार की तरफ से पहले दौर में प्रवासी मज़दूरों को उनके राज्योंं में भेजने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा तय रेल यातायात की लागत के अपने हिस्से के तौर पर 35 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी है।
वहींं पंजाब से दालतोगंज (झारखंड) के लिए 1200 मज़दूरों को लेकर पहली विशेष श्रमिक ऐक्सप्रैस रवाना हो गई है।
राज्य सरकार के अन्दाजे के मुताबिक पंजाब से 5 से 6 लाख प्रवासी मज़दूर अपने राज्यों को लौटने के लिए रेल सुविधा का लाभ लेंगे जबकि बाकी सडक़ यातायात साधनों के द्वारा जाएंगे। प्रति टिकट औसतन 640 रुपए खर्चे के हिसाब के साथ स्टेट ऐगज़ीक्युटिव कमेटी की तरफ से शुरुआती तौर पर ज़रुरी खर्चे के लिए 35 करोड़ रुपए की मंजूरी दे दी गई है। यह फंड राष्ट्रीय आपदा राहत एक्ट 2005 के अंतर्गत जारी किये गए हैं।
पंजाब सरकार के प्रवक्ता के अनुसार स्वीकृत की गई रकम का 25 फीसदी तत्काल तौर पर डिप्टी कमीशनरों को ट्रांसफर कर दिया गया है जिनको रेलवे को सीधी अदायगी करके रजिस्टर्ड यात्रियों के लिए टिकटें मुहैया करवाने के लिए अधिकारित किया गया है। बाकी रकम डिप्टी कमीशनरों को ट्रांसफसर की जायेगी जिनको अपने गृह राज्यों को लौटने के इच्छुक प्रवासी मज़दूरों के रोज़मर्रा के स्तर पर सूचियां तैयार करने के लिए कहा गया है।
वह सभी मज़दूर जो अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं उनके नाम राज्य के पोर्टल पर दर्ज किये गए हैं और अन्य सम्बन्धित विवरणों के साथ रेल गाड़ीयों की समय-सरनी संबंधी उनको एसएमएस के ज़रिये सूचित किया जा रहा है।
उपलब्ध आंकड़ों से अनुसार अपने गृह राज्यों को वापस लौटने के इछुक्क 6.44 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों की तरफ से राज्य सरकार के द्वारा विशेष तौर पर तैयार कियेेे पोर्टल http://www.covidhelp.punjab.gov.in. पर रजिस्टर किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख कर 5 मई से उनके यातायात के लिए विशेष रेल गाड़ीयाँ चलाने की माँग की थी। मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार रेल मंत्रालय को अगले 10 -15 दिनों के लिए रेल गाड़ीयों के रोज़मर्रा के ज़रूरत सम्बन्धी पहले से ही बता देगी जिससे पोर्टल पर रजिस्टर सभी व्यक्तियों को उनके गृह राज्य भेजा जा सके।
प्रवासी श्रमिकों की सुचारू आवाजायी की सुविधा के लिए राज्य सरकार के अधिकारी रेलवे के सीनियर अधिकारियों और इन प्रवासी श्रमिकों के गृह राज्यों के अधिकारियों के साथ ज़मीनी स्तर पर तालमेल कर रहे हैं।
पंजाब में औद्योगिक और कृषि सैक्टर में अस्थाई रोजग़ार की तलाश में यूपी, बिहार, झारखंड और अन्य पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में मज़दूर पंजाब आते हैं। राष्ट्रीय तालाबन्दी के कारण वह मार्च में नहीं जा सकते थे जैसेकि वह आम तौर पर करते हैं।

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