मुख्यमंत्री ने आदेश दिये दूसरे राज्यों से आने वालों को गाँव स्तर पर एकांतवास में रखने के

चंडीगढ़ । विभिन्न डिप्टी कमीश्नरों द्वारा हाल ही के दिनों में दूसरे राज्यों से कोविड प्रभावित मरीजों के आने के मामलो संबंधी गहरी चिंता जाहिर करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने दूसरे राज्यों से आने वालों को गाँव स्तर पर एकांतवास के तौर पर घोषित इमारतों में रखने के आदेश दिए।
उन्होंने कहा कि चाहे कोई केस पाॅजिटिव हो या नेगेटिव हो, सभी को लाजिमी तौर पर एकांतवास संस्थाओं में रखने के आदेशों का सख्ती से पालन किया जाये।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति को 21 दिनों का एकांतवास समय पूरा होने के बाद ही घर भेजने की आज्ञा दी जाये क्योंकि आम तौर पर महामारी के लक्षण थोड़े समय के बाद सामने आते हैं। उन्होंने कोरोनावायरस को आगे फैलने से रोकने के लिए सुझाव दिया कि जहाँ तक संभव हो इन व्यक्तियों में से पाॅजिटिव और नेगेटिव पाए जाने वालों को अलग-अलग इमारतों में अलग-अलग रखा जाये।
उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि वह सरपंचों के साथ मिलकर गाँवों में एकांतवास के लिए स्कूलों और दूसरी इमारतों की पहचान करें। मुख्यमंत्री ने सरपंचों और पंचायतों से अपील की कि इस महामारी को आगे फैलने से रोकने के लिए गाँव स्तर पर चैकसी बढ़ा दें।
मीटिंग में बताया गया कि पिछले चार दिनों में अब तक नांदेड़ साहिब (महाराष्ट्र) से 3525 श्रद्धालु, कोटा (राजस्थान) से 153 विद्यार्थी आए हैं। इसके अलावा फाजिल्का-राजस्थान सरहद पर 3085 मजदूर आए हैं। नांदेड़ साहिब से आने वालों में से अब तक 577 व्यक्तियों की टैस्ट रिपोर्ट आ गई है जिनमें से 20 प्रतिशत पाॅजिटिव पाए गए हैं। गुरूवार को 105 ताजा पाए गए पाॅजिटिव मामलों में से 98 बाहर से आने वाले हैं।
मुख्यमंत्री ने डी.सीज / एस.एस.पीज को आदेश देते हुए कहा कि बाहर से आने वालों को कौवा ऐप पर अपलोड कर दिया जाये ताकि जीओ फेंसिंग के द्वारा इनके आने-जाने पर सख्त निगरानी रखी जा सके। उन्होंने आगे कहा कि दूसरे राज्यों से अपने आप आने वालों की भी ट्रेकिंग और स्क्रीनिंग की जाये।
मुख्यमंत्री ने सरहद पर किसी भी तरह की ढील देने को रद्द कर दिया जो सख्ती के साथ सील ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि अपने लोगों को लेने के लिए सम्बन्धित राज्यों से आने वाली बसों को पर्मिट / मंजूरी के बिना पंजाब में दाखिल होने की इजाजत देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने अधिकारियों को सरहद को सील करने को सख्ती से पालन करवाने को यकीनी बनाने के आदेश देते हुए कहा, ‘‘हम किसी को भी उपयुक्त प्रक्रिया के बिना दाखिल होने की आज्ञा नहीं देंगे।’’ कुछ डिप्टी कमीश्नरों ने बताया कि वह अपने जिलों में सिर्फ जरूरी वस्तुओं वाले ट्रकों को ही दाखिल होने की इजाजत दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पंजाब में इस रोग के फैलाव के तीन स्रोत एन.आर.आईज, निजामूद्दीन तबलीगी जमात और नांदेड़ से लौटे लोगों को बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने घर लौटने वाले पंजाबियों का स्वागत है परन्तु उनको एकांतवास को सख्ती के साथ अमल में लाना होगा। उन्होंने अधिकारियों को किसी भी अनाधिकृत वाहन को सरहद पर दाखिल होने की इजाजत न देने को यकीनी बनाने की हिदायत की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हमने स्थिति पर काबू न पाया तो कोई उद्योग नहीं खुलेगा।
राज्य की अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए उद्योग को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमीश्नरों को इसकी सुविधा के लिए संभावनाएं तलाशने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि राज्य में 2.5 लाख से अधिक उद्योगों में से सिर्फ 3600 के लगभग उद्योग ही खुलने योग्य हैं और इनमें से भी अब तक केवल 1100 उद्योगों के चलने का चयन हुआ है।

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