…गर्व इतना था कि हम देर तक रोए नहीं: CRPF ने ऐसे किया याद पुलवामा हमले में शहीद जवानों को

आज पुलवामा आतंकी हमले के एक साल पूरे हो गए। आज का दिन पुलवामा हमले की वजह से हमारे देश के लिए किसी काले दिन से कम नहीं है। आज ही के दिन आतंकी हमले में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले में भारत मां के 40 वीर जवान शहीद हुए थे। पुलवामा हमले के बरसी पर सीआरपीएफ ने अपने जवानों को याद किया है। पुलवामा अटैक में शहीद हुए अपने जवानों को याद कर सीआरपीएफ ने ट्वीट के जरिए शहीदों को नमन किया और एक शेर के जरिये बताया कि उन्हें अपने अपने जांबाजों पर इतना गर्व था कि शहादत पर ज्यादा देर तक वे रोए भी नहीं।

सीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से पुलवामा के शहीदों को शत-शत नमन किया और लिखा-

“तुम्हारे शौर्य के गीत, कर्कश शोर में खोये नहीं।
गर्व इतना था कि हम देर तक रोये नहीं।”

दरअसल, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था। सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था। तभी तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्‍कर मार दी। इसके साथ ही एक जबरदस्‍त धमाका हुआ। यह आत्मघाती हमला इतना बड़ा था कि मौके पर ही सीआरपीएफ के करीब 42 जवान शहीद हो गए।

पुलवामा हमले के एक साल बाद भी आतंकी हमलों की चुनौतियां सुरक्षा एजेसियों के लिए कम नहीं हुई हैं। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भी पाकिस्तान की ओर से बड़े हमलों को अंजाम देने की साजिश के मकसद से घुसपैठ कराई जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के निर्देशन में सभी खुफिया एजेंसियां तालमेल के साथ सुरक्षा बलों से इनपुट साझा कर रही हैं। अमेरिका, फ्रांस सहित कई अन्य देशों से लगातार खुफिया इनपुट साझा किया जा रहा है।

पुलवामा हमले में संभावित चूक को लेकर कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। लेकिन जांच के तथ्यों के आधार पर काफी काम किया गया है जिससे पुलवामा जैसी घटना दोहराई न जा सके। अब सुरक्षा एजेंसी काफी चौकस हो गई है।

इस हमले से दुश्मनों को खत्म करने का संकल्प और मजबूत हुआ है। यही वजह है कि जवान अब आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अतिरिक्त जोश के साथ लड़ते हैं। सीआरपीएफ ने सबक लेते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी रणनीति भी बदली है जिसके असर दिख रहे हैं।

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