प्याज मिल रहा है यहां 70 रुपये किलो, आलू 15 रुपये और 10 रुपये किलो टमाटर

मिस्र, तुर्की और अफगानिस्तान से आयातित प्याज (Onion) अब भारत पहुंचने लगा है, इसके बावजूद कई बाजारों में प्याज का खुदरा दाम (Onion Price) 130 रुपये किलो पर चल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में कई सरकारी उपायों के बावजूद प्याज की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। सरकार ने पहले ही प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, व्यापारियों पर स्टॉक रखने की सीमा लागू कर दी है और बफर स्टॉक से सस्ती दर पर प्याज की आपूर्ति भी की जा रही है। टमाटर के दाम अब घटकर 30 से 40 रुपये किलो पर आ गए हैं। इनके अलावा लहसुन के दाम भी अब ऊंचाई पर हैं। 100 ग्राम लहसुन का दाम 30 से 40 रुपये पर चल रहा है। सरकार के उपाय भी नाकफी दिख रहे हैं।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक इन प्रमुख केंद्रों पर 28 दिसंबर का रेट इस प्रकार है

केंद्र आलू प्याज टमाटर
शिमला 30 120 30
धर्मशाला 25 90 30
सोलन 24 100 25
लुधियाना 20 110 25

वहीं ईटानगर में प्याज 150 रुपये किलो तो मध्यप्रदेश के रीवा में 70 रुपये किलो बिक रहा है।

सब्जी अधिकतम मूल्य रु/किग्रा स्थान न्यूनतम मूल्य स्थान
आलू 50 ईटानगर 15 अंबिकापुर
प्याज 150 ईटानगर 70 रीवा
टमाटर 80 मायाबंदर 10 कुरनूल

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को कोलकाता में प्याज का खुदरा मूल्य 120 रुपए किलो, दिल्ली और मुंबई में 102 रुपए किलो तथा चेन्नई में 80 रुपए किलो था। ज्यादातर शहरों में, प्याज की कीमतें 100 रुपए किलो थी। ईटानगर में, प्याज की कीमत 150 रुपए किलो पर पहुंच गई।

अब नए साल में ही कम होंगी कीमतें

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘आयातित प्याज की आवक शुरू हो गई है। लगभग 1,160 टन प्याज भारत पहुंच चुका है। अगले 3-4 दिनों में अतिरिक्त 10,560 टन आयात की खेप आने की उम्मीद है।’ अधिकारी ने कहा कि लाल और पीले दोनों किस्म के प्याज तुर्की, मिस्र और अफगानिस्तान से आयात किए गए हैं। आयात की ये खेपें मुंबई बंदरगाह पर उतरती हैं। सरकार की ओर से प्याज का आयात करने वाली सरकारी स्वामित्व वाली एमएमटीसी ने अब तक 49,500 टन प्याज का अनुबंध किया है। अगले महीने कुछ आयातित खेप आएंगी।

प्याज के रेट में उछाल के ये हैं कारण

प्याज के प्रमुख उत्पादक राज्यों में अत्यधिक बारिश के कारण पिछले वर्ष की तुलना में फसल वर्ष 2019-20 (जुलाई-जून) में खरीफ उत्पादन में 25 प्रतिशत की गिरावट की आशंका के बाद प्याज कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।

हालांकि व्यापारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि प्याज की कीमतें जनवरी तक बढ़ी रहेंगी। जब तक देर से तैयार होने वाले खरीफ फसल बाजार में आना न शुरू हो जाएं तबतक कीमतों में नरमी की संभावना नहीं है। इससे पहले, भारत ने आखिरी बार वर्ष 2015-16 में 1,987 टन प्याज का आयात किया था जब इसकी कीमतें काफी बढ़ गई थीं।

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