रघुवर दास को हार के बाद एक और झटका…

झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित भाषण देने पर कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी है। इस संबंध में मिहिजाम थाना में धारा 504/506 तथा अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम की धारा 3 (एस) (एस) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज हुई है। इस मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अरविंद उपाध्याय को जांच अधिकारी बनाया गया है। इधर, पुलिस अधीक्षक ने रघुवर दास के विवादित भाषण पर एसडीपीओ एवं मिहिजाम थाना प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने भाषण की सीडी भी तलब की है।

कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 18 दिसंबर को मिहिजाम के बेसिक स्कूल में जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए सोरेन परिवार के विरुद्ध विवादित बयान दिया था। इसके बाद हेमंत सोरेन ने रघुवर दास पर जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाते हुए 19 दिसंबर को दुमका के एससी-एसटी थाने में आवेदन दिया था। उन्होंने सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की थी।

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि रघुबर दास के खिलाफ एफआईआर राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज की गई है। उनके खिलाफ कोई मामला नहीं है। पुलिस, जिसने अभी तक कार्रवाई नहीं की थी, वह अचानक कार्रवाई में आ गई है। ऐसा लग रहा है कि इसके लिए पुलिस पर दवाब बनाया जा रहा है।

रघुवर दास द्वारा एसडीपीओ से विवादित भाषण देने के मामले की जांच करवायी जा रही है। जांचोपरांत आवश्यक कार्रवायी की जाएगी। – अंशुमन कुमार, एसपी

सुसंगत धाराओं के तहत मिहिजाम थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। प्राथमिकी दर्ज करते हुए मामले की जांच की जा रही है। – अरविंद कुमार उपाध्याय, एसडीपीओ

कार्यवाहक मुख्यमंत्री रघुवर दास के विरुद्ध अनुसूचित जाति-जनजाति उत्पीड़न अधिनियम समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया है। साक्ष्य के रूप में समाचार पत्र में प्रकाशित खबर की छायाप्रति दी गयी है। हालांकि सभास्थल में चुनाव आयोग से करायी गयी वीडियो रिकॉर्डिंग की सीडी मंगायी जा रही है। – मुकेश कुमार, थाना प्रभारी

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