US ने अब मुस्लिमों के प्रति चीन के रवैये को लेकर बोला हमला

वाशिंगटन: भारत-चीन और पाकिस्तान के रिश्तों के बीच चीन और अमेरिका के रिश्तों में खटास बढ़ती जा रही है। अमेरिका (US) ने अब मुस्लिमों के प्रति चीन के रवैये को लेकर हमला बोला है। अमेरिका ने मुस्लिमों की प्रताड़ना के आरोपी कुछ चीनी आधिकारियों के वीज़ा पर प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों के साथ-साथ इनके परिवार के सदस्यों पर भी ये प्रतिबंध लागू होगा। इसके पहले अमेरिका ने अमेरिका में व्यापार करने वाली 28 चीनी कंपनियों को भी ब्लॉक कर दिया था। इन कंपनियों पर भी शिनयांग प्रांत में मुस्लिम आबादी को प्रताड़ित करने का आरोप है। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने साफ़ किया कि चीनी सरकार मुस्लिमों के ख़िलाफ़ दमनकारी रवैया अपना रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के मंगलवार को चीन पहुंचने के बाद और चीन के राष्ट्रपति शी जिनफिंग की भारत यात्रा से पहले चीन ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि कश्मीर के मुद्दे का समाधान भारत और पाकिस्तान को आपसी बातचीत से निकालना होगा।

चीन ने संयुक्त राष्ट्र और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अपने हालिया संदर्भों को छोड़ते हुए यह बात कही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने यहां पत्रकारों के साथ बातचीत में शी की भारत यात्रा के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की। चीनी अधिकारी ने अनौपचारिक रूप से कहा कि इस बारे में बीजिंग और नई दिल्ली में बुधवार को एक साथ घोषणा की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ‘चीनी नेता की विदेश यात्रा के बारे में’ एक विशेष मीडिया वार्ता भी बुलाई है। गेंग ने शी की भारत यात्रा के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘भारत और चीन के बीच उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान की परंपरा रही है। उच्च-स्तरीय यात्रा को लेकर दोनों पक्षों के बीच संवाद हुआ है। कोई भी नई जानकारी जल्द ही बताई जाएगी।’ उन्होंने कहा कि भारत और चीन दुनिया के प्रमुख विकासशील देश हैं और प्रमुख उभरते बाजार हैं।

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