GSP बहाली, भारत कर रहा ऊंचे टैरिफ पर अमेरिका से बात

अमेरिका के साथ भारत व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत कर रहा है। इनमें सामान्य तरजीही प्रणाली (GSP) को बहाल करने, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) में विवादों को आपसी सहमति से वापस लेने और स्टील और ऐल्युमिनियम पर ऊंचे टैरिफ को हटाने के मामले शामिल हैं। इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया, ‘हम जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज को बहाल करने और ऊंचे टैरिफ को वापस लेने जैसे विभिन्न मुद्दों पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं।’

अतिरिक्त टैरिफ के बाद शुरू हुआ था विवाद

दोनों देशों के बीच विवाद पिछले वर्ष अमेरिका के स्टील और ऐल्युमिनियम प्रॉडक्ट्स के इम्पोर्ट पर क्रमश: 25 पर्सेंट और 10 पर्सेंट का अतिरिक्त टैरिफ लगाने के बाद शुरू हुआ था। इसके जवाब में भारत ने अमेरिका से आने या वहां से एक्सपोर्ट होने वाले 28 प्रॉडक्ट्स पर टैरिफ लगाकर दिया था। इसके बाद, अमेरिका ने भारत के खिलाफ WTO में शिकायत की थी। अमेरिका के इस वर्ष 5 जून से 6.3 अरब डॉलर के भारतीय एक्सपोर्ट पर इंसेंटिव वापस लेने के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत टूट गई थी।

यूएस दौरे पर बात करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने अमेरिका जा रहे हैं। कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल भी जल्द ही अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि GSP वापस लेने का भारत पर आर्थिक असर बहुत अधिक नहीं है, लेकिन ये मुद्दे लंबी अवधि में बड़े बन सकते हैं।

अन्य देशों को बहाल हुआ जीएसपी दर्जा
अर्जेंटीना, लाइबेरिया और म्यांमार ऐसे कुछ देश में जिनके लिए अमेरिका ने बेनिफिट बहाल कर दिए हैं। इन देशों ने इसके लिए अमेरिका की ओर से लगाई गई शर्तों को स्वीकार किया था। GSP मौजूद न होने से भारत से केमिकल्स, इंजिनियरिंग गुड्स, लेदर प्रॉडक्ट्स और जेम ऐंड जूलरी के एक्सपोर्ट को नुकसान हुआ है। लेकिन कुछ एक्सपोर्टर्स ने बताया कि यह असर ज्यादा नहीं है।

क्या है GSP दर्जा?
GSP यानी जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज। अमेरिका द्वारा अन्य देशों को व्यापार में दी जाने वाली तरजीह की सबसे पुरानी और बड़ी प्रणाली है। इसकी शुरुआत 1976 में विकासशील में आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिए की थी। दर्जा प्राप्त देशों को हजारों सामान बिना किसी शुल्क के अमेरिका को निर्यात करने की छूट मिलती है। भारत 2017 में जीएसपी कार्यक्रम का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा। वर्ष 2017 में भारत ने इसके तहत अमेरिका को 5.7 अरब डॉलर का निर्यात किया था। अभी तक लगभग 129 देशों को करीब 4,800 गुड्स के लिए GSP के तहत फायदा मिला है।

जीएसपी हटने का अधिक असर नहीं
केमिकल्स का एक्सपोर्ट करने वाले मुंबई के एक एक्सपोर्टर ने बताया, ‘हमें पता है कि GSP ऐसे विकासशील देशों को दिया जाता है, जो पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं। हालांकि, अमेरिका के चीन से आने वाले केमिकल्स पर भी टैरिफ बढ़ाने से GSP हटने का हमारे लिए अधिक असर नहीं हुआ है।’ GSP के तहत भारतीय एक्सपोर्ट के लिए प्रेफरेंशियल टैरिफ 1-6 पर्सेंट के बीच है।

अमेरिकी मांगों पर विचार करेगा भारत
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी भारत में अमेरिकी प्रॉडक्ट्स पर अधिक टैरिफ लगने पर नाराजगी जता चुके हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत डेयरी प्रॉडक्ट्स जैसे सेगमेंट में अमेरिकी कंपनियों को उतरने का मौका दे। भारत ने अमेरिका की इस मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

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