अलीबाबा जैसा मार्केटप्लेस बनेगा MSME सेक्टर के लिए: गडकरी

सरकार माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) के लिए अलीबाबा जैसा मार्केटप्लेस बनाने में जुटी है। इस पर अगले दो तीन साल में 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर होने की उम्मीद है। यह बात यूनियन MSME मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कही है। गडकरी ने ईटी से बातचीत में कहा, ‘हम अलीबाबा जैसा मार्केटप्लेस डिवेलप कर रहे हैं, जिसे हम भारत क्राफ्ट का नाम देंगे। यह बायर्स और सेलर्स को डायरेक्ट इंटरफेस मुहैया कराएगा।’ सरकार रोजगार पैदा करने, निर्यात को बढ़ावा देने और आर्थिक वृद्धि दर में तेजी लाने के लिए MSME सेक्टर की अपार क्षमताओं का फायदा उठाने की कोशिश में जुटी है।

देश के जीडीपी में MSME का लगभग 29% योगदान है। गडकरी ने कहा, ‘इसे अगले पांच साल में बढ़ाकर 50% पर ले जाया जाएगा। इस सेक्टर में लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। हम अगले पांच साल में इसे बढ़ाकर 15 करोड़ पर ले जाएंगे।’ गडकरी ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सरकार को फंडिंग के नए जरिए बनाने होंगे, क्षेत्र को निवेशकों के अनुकूल बनाना होगा, टेक्नॉलजिकल इनोवेशन लाना होगा, उत्पाद को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी लानी होगी और पर्याप्त स्किलिंग और मार्केट सपॉर्ट मुहैया कराना होगा।

MSME के साथ रोड ट्रांसपॉर्ट और हाइवेज मिनिस्ट्री का भी पोर्टफोलियो रखनेवाले गडकरी ने कहा, ‘फिलहाल तत्काल बड़ा सोचने, नए और इनोवेटिव आइडिया के साथ लीक से अलग तरह की सोच से क्षेत्र में ऊर्जा भरने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि ADB, WB और KfW जैसे मल्टीलेटरल बैंक MSME सेक्टर के लिए सस्ता लोन मुहैया कराने को राजी हैं। गडकरी ने कहा, ‘हमें सहकारी बैंकों, NBFC (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों), क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, SIDBI (स्मॉल इंडस्ट्रीज डिवेलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया) और राज्य सरकारों के फाइनैंशल कॉरपोरेशंस के साथ भी काम करना होगा।’

उन्होंने कहा कि बैंकों के विलय, उनकी पूंजी बढ़ाने, पारदर्शी एकमुश्त निपटारा नीति लागू करने, लोन के लिए दिए गए आवेदन की ऑनलाइन निगरानी करने और लोन के लिए पब्लिक सेक्टर के बैंकों के बीच फास्ट ट्रैक कोलैबरेशन जैसी वित्त मंत्रालय की हालिया घोषणाओं से MSME सेक्टर को बहुत फायदा होगा। MSME मिनिस्ट्री इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन पर नजर रखते हुए सेक्टर का एक्सपोर्ट बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाश रही है। गडकरी ने कहा, ‘MSME सेक्टर में डायवर्सिफिकेशन की अपार संभावनाएं हैं।’

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