Healthy Food :कॉर्न है सेहत से भरपूर, लगाए लगाम Weight loss और कोलेस्ट्रॉल पर

भुट्टा, पॉपकॉर्न, स्वीट कॉर्न चाट, कॉर्न सूप, पास्ता विद कॉर्न्स आदि के नाम से कॉर्न हमारे स्नैक्स का हिस्सा बन चुका है। देश के कई हिस्सों में इसे मक्के या मकई के नाम से भी जाना जाता है, जो भोजन का मूल स्रोत है। इसमें मक्के की रोटी और कई व्यंजन शामिल हैं। इसके बारे में जानकारी दे रही हैं विनीता झा

हमारे देश में आम तौर पर बरसात के 
मौसम में पकौड़े और तले-भुने खाने का चलन है, लेकिन इनके बीच भुट्टे यानी मक्के की भी बहार रहती है। हर उम्र के लोग बड़े चाव से इनका आनन्द लेते हैं। आइये जानते हैं, कैसे है यह स्वादिष्ट मकई ऊर्जा और सेहत से भरपूर-

विटामिन और बीटा कैरोटीन से भरपूर
कॉर्न की लगभग सभी किस्में विटामिन ए, बी, ई और के से भरपूर होती हैं। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ए और बीटा कैरोटीन से आंखों की रोशनी बढ़ती है और आंखों से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

पेट की गड़बड़ियों से रखे दूर
कॉर्न में मौजूद फाइबर कब्ज और एसिडिटी से बचाव में सहायक होता है। यह पेट की सफाई भी करता है।

कोलेस्ट्रॉल करता है कम
इसमें बायोफ्लेवोनॉइड्स और कैरोटेनॉयड्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं।

ऊर्जा से भरपूर
इसमें कार्बोहाइड्रेट की प्रचुरता होती है, जिससे ऊर्जा बनी रहती है।

कैंसर की आशंका करे कम 
कॉर्न में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सिडेंट और फ्लेवोनॉइड्स कैंसर की आशंका को कम कर देते हैं।

कॉर्न खाने के तरीके
कॉर्न को कई तरह से खाया जाता है, लेकिन घर में कॉर्न को बनाने के लिए पानी से आधे भरे बर्तन को स्वादानुसार नमक डाल कर गैस पर चढ़ाएं। उबाल आने पर उसमें छिले हुए कॉर्न डालें। इसे लगभग 5-7 मिनट तक हल्की आंच पर पकाएं। चाकू की सहायता से उसके पूरी तरह पकने की जांच करें, फिर उसे नमक और बटर डालकर खाएं। यह स्वादिष्ट भी होगा और पौष्टिक भी।

जरूरी है सावधानी
– कच्चा कॉर्न किसी भी हाल में खाने से बचें, क्योंकि इससे पेट में दर्द हो सकता है।
– कॉर्न भूनते समय उस पर लगे रेशे को अच्छी तरह से हटाएं।
– ध्यान रहे कि भुट्टा सही मात्रा में भुना हो, बहुत जला या कच्चा भुट्टा खाने से बचें।
– यदि भुट्टे को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटने के लिए तोड़ना है, तो भुनने या उबालने से पहले तोड़ें। अकसर लोग भुट्टे को भुन जाने के बाद तोड़ते हैं, जिससे हाथ लगने पर भुट्टे के गन्दा होने की आशंका रहती है।
– जिन्हें भुने भुट्टे खाने में तकलीफ हो, उन्हें उबाल कर भुट्टे खिलाएं।
– कॉर्न खरीदते समय जांच लें कि कौन-सा भुट्टा उबाल कर खाने लायक है और कौन सा भूनकर खाने लायक। यह कॉर्न की किस्मों पर निर्भर करता है।

ध्यान देने योग्य बातें
कॉर्न पोषण से भरपूर अनाज है, जिसे खाने के बाद पेट भरा होने का एहसास होता है। इसलिए अन्य जंक फूड की तरह इसे खाने पर पछताने का सवाल नहीं होता। ऐसे में व्यक्ति का वजन भी नियंत्रित रहता है। सफर में भी कोई और हानिकारक भोजन खाने के बजाय भुट्टे या कॉर्न को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प है। कॉर्न स्टार्च का एक अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद हाई गलाइसेमिक इंडेक्स की वजह से इससे कॉर्न सिरप भी निकाला जाता है। ध्यान रहे कि कॉर्न के अत्याधिक सेवन से नियासिन की कमी हो सकती है, जिसका परिणाम डायरिया या डिमेंशिया के रूप में सामने आ सकता है। पॉप कॉर्न को बिना बटर के खाना बेहतर है, क्योंकि इसे पचाना आसान होता है। हालांकि ऐसे खाने से पोषक तत्व थोड़े कम मिल सकते हैं। जिनका मुख्य भोजन चावल है, उनके लिए यह खास तौर पर लाभदायक है।

 

Advertisement
Disclaimer : इस न्यूज़ पोर्टल को बेहतर बनाने में सहायता करें और किसी खबर या अंश मे कोई गलती हो या सूचना / तथ्य में कोई कमी हो अथवा कोई कॉपीराइट आपत्ति हो तो वह samayduniya7@gmail.com पर सूचित करें। साथ ही साथ पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें। जिससे आलेख को सही किया जा सके या हटाया जा सके ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.