विशेष फल मिलता सावन में श्रीकृष्ण की पूजा करने से, राशि के अनुसार इन मंत्रों का करें जाप

सावन में भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ-साथ श्री कृष्ण की आराधना का भी फल मिलता है। यदि श्रावण शुक्ल पक्ष अष्टमी से भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तक भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करें  तो इसका विशेष लाभ मिलता हैं। यदि आप भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो अपनी राशि के मुताबिक भगवान के मंत्रों का जाप करें। इससे भगवान श्रीकृष्ण भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।

राशि के अनुसार इन मंत्रों का करें जाप 
मेष : ॐ आदित्याय नम:।
वृषभ : ॐ आदिदेव नम:।
मिथुन : ॐ अचला नम:।
कर्क : ॐ अनिरुद्ध नम:।
सिंह : ॐ ज्ञानेश्वर नम:।
कन्या : ॐ धर्माध्यक्ष नम:।
तुला : ॐ सत्यव्त नम:।
वृश्चिक : ॐ पार्थसारथी नम:।
धनु : ॐ बर्धमानय नम:।
मकर : ॐ अक्षरा नम:।
कुंभ : ॐ सहस्राकाश नम:।
मीन : ॐ आदिदेव नम:।
इन अचूक उपायों के जरिए

पितृदोष से मिलेगी मुक्ति
– सावन में भगवान शिव भक्तों के बिगड़े काम बना देते हैं। सावन में पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। दरअसल हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में दूसरे, चौथे, पांचवें, सातवें, नौवें, दसवें भाव में सूर्य राहु या सूर्य शनि की युति स्थित हो तो यह पितृदोष माना जाता है। पितृदोष से मुक्ति के लिए कई तरह के उपाय किए जाते हैं।
– यदि आप पितृदोष को खत्म करना चाहते हैं तो हर अमावस्या को अपने पूर्वजों और पितरों के नाम से जितना हो सके लोगों को दान करें। इसमें दवा, वस्त्र या भोजन का दान किया जा सकता है।
– हर गुरुवार और शनिवार की शाम पीपल की जड़ में जल अर्पण करें और इसके साथ ही 7 बार परिक्रमा लगाएं।
– रविवार के दिन सुबह के समय भगवान सूर्यनारायण को तांबे के लोटे में गुड़, लाल फूल, रोली आदि डालकर जल चढ़ाना शुरू करें।
– अपने माता-पिता और उनके समान बुजुर्ग व्यक्तियों  के चरण स्पर्श करें। उनसे आशीर्वाद लें।

लीलाओं से कर दिया मंत्रमुग्ध
धरती पर जब-जब पाप बढ़ता है तब-तब प्रभु अवतार लेकर पापियों का संहार किया। भगवान विष्णु के मोहक और सबसे ज्यादा लोकप्रिय अवतार भगवान कृष्ण को माना गया है। भगवान विष्णु ने द्वापर युग में कृष्ण के रूप में अवतार लिया था। उन्होंने भक्तों के भले के लिए कई लीलाएं रचाईं, इसलिए उनको लीला पुरुषोत्तम कहा जाता है। भगवान कृष्ण से ज्यादा भक्त उन्हें कन्हैया के रूप में याद करते हैं। कृष्ण ने सिर्फ धरती पर बुराइयों का नाश करने के साथ ही प्रेम का एक नया पाठ पढ़ाया। मथुरा और वृंदावन में बहुत सी ऐसी जगहें हैं जो भगवान कृष्ण के स्वरूपों का बखान करती हैं।

सावन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी से भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तक जो भक्त भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं उन्हें मोक्ष प्राप्त होता है। ऐसी मान्यता है कि जो इस महीने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करता है वो हमेशा स्वस्थ रहता है और उसे मनचाहा वर मिलता है।

 

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