पकड़ में आया बाइक बोट का महाठग, लाखों लोगों को लगाई 13 हजार करोड़ की चपत

नई दिल्ली। 23 शहरों में जालसाजी का जाल और लाखों लोगों के साथ बाइक टैक्सी चलाने के नाम पर 13 हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले फरेबी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड (बाइक बोट) कंपनी के मालिक संजय भाटी ने आखिरकार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जिसके बाद कोर्ट ने संजय भाटी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। संजय भाटी और उनके साथियों पर उत्तर प्रदेश कोतवाली में धोखाधड़ी के 33 मुकदमे हैं। पुलिस ने इससे पहले कंपनी के निदेशक विजय पाल कसाना को गिरफ्तार किया था।
लोगों की नजरों में एक नेता के रुप में पहचान बनाने वाले संजय भाटी का नाम पुलिस की फाइलों में आरोपी के तौर पर दर्ज है। उस पर आरोप है कि उसने ठगी का जाल बिछाकर करोड़ों रुपए डकार लिए। ठगी का शिकार हुए लोगों ने जब अपने खून-पसीने की कमाई मांगी तो उसने राजनीति को अपनी ढाल बनाते हुए कई महीनों से कानून की आंखों में धूल झोंकता रहा। गौरतलब है कि संजय भाटी बहुजन समाज पार्टी का नेता बताया जाता है। बसपा ने भाटी को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया था। लेकिन ठगी उजागर होने के बाद उसका टिकट रद्द कर सतबीर नागर को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। सबसे पहले भाटी पर जयपुर के एक शख्स ने धोखाधड़ी और जलसाजी के आरोप लगा कर उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। सुनील कुमार मीणा का आरोप था कि शुरू में तो उन्हें स्किम के तहत प्रॉफिट की रकम मिलती रही। लेकिन जब उसे रकम मिलना बंद हो गयी और उसने जब कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की तब उसे पता चला की वो ठगा जा चुका है। बाद में कई सारे लोगों ने भाटी की कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया औऱ अबतक 33 मुकदमें दर्ज किए गए हैं।

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